अभिषेक-कल्याण बनर्जी पर हमला 'जनता के आक्रोश' का नतीजा: अग्निमित्रा पॉल का TMC पर तीखा वार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 31 मई 2026 को आसनसोल में पत्रकारों से बातचीत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हालिया हमलों को 'जनता के बढ़ते आक्रोश का परिणाम' बताया। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारियों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इन हमलों में भाजपा की कोई भूमिका नहीं थी।
हमलों पर अग्निमित्रा पॉल का बयान
पॉल ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी ने पहले इन हमलों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन गिरफ्तारियों के बाद सामने आया है कि आरोपी लोग पूर्व TMC विधायक लवली मैत्रा के करीबी और TMC से जुड़े कार्यकर्ता हैं। यह जनता के बढ़ते आक्रोश का परिणाम है।' उन्होंने यह बयान आसनसोल स्थित रवीन्द्र भवन में आयोजित बांग्ला संस्कृति उत्सव में भाग लेने के बाद दिया, जहाँ उन्होंने मंच से रवीन्द्र संगीत भी प्रस्तुत किया।
TMC पर 'तोला बाजी' और 'कट-मनी' के आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से 'तोला बाजी', सिंडिकेट और 'कट-मनी' की राजनीति पर निर्भर रही है। उनके अनुसार, जनता की सेवा की जगह पार्टी का ध्यान अन्य गतिविधियों पर केंद्रित रहा, जिसके कारण पश्चिम बंगाल का समग्र विकास प्रभावित हुआ है। गौरतलब है कि 'कट-मनी' विवाद पहले भी राज्य में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
न्यायपालिका और ममता सरकार पर निशाना
पॉल ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि सरकार लगभग हर मामले में हस्तक्षेप करती है। उन्होंने कहा, 'यदि किसी जनप्रतिनिधि को लगता है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है और जनता के साथ धोखा नहीं किया है, तो उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। न्यायपालिका पर भरोसा किया जाना चाहिए।'
अभिषेक बनर्जी के अस्पताल में भर्ती होने पर सवाल
अग्निमित्रा पॉल ने अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य और अस्पताल में भर्ती होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय डॉक्टरों का विशेषाधिकार है और यदि चिकित्सकों को कोई गंभीर समस्या नहीं दिखती, तो केवल राजनीतिक कारणों से अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, 'राजनीति को स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों से दूर रखा जाना चाहिए।'
आगे क्या
इन हमलों की जाँच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों की TMC से कथित संलिप्तता की पड़ताल एजेंसियाँ कर रही हैं। यह मामला पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है, खासकर आगामी चुनावी माहौल में।