10 अगस्त 2026
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क्या जम्मू-कश्मीर में अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ? उपराज्यपाल ने पुलिस की बहादुरी को सराहा

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क्या जम्मू-कश्मीर में अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ? उपराज्यपाल ने पुलिस की बहादुरी को सराहा

सारांश

जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस की बहादुरी की सराहना की, जिन्होंने एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई देशभर में आतंकवादी हमलों को टालने में महत्वपूर्ण साबित हुई। जानें इस घटना के बारे में और अधिक!

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस की बहादुरी की सराहना की।
इस कार्रवाई ने कई आतंकवादी हमलों को रोका।
नौगाम विस्फोट में नौ लोग मारे गए।
घायलों और शहीदों के परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।

जम्मू, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने खुफिया जानकारी और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस की सराहना की। इस कार्रवाई ने देशभर में सफेदपोश आतंकियों द्वारा किए जाने वाले कई आतंकवादी हमलों को टालने में मदद की।

एक समारोह के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे पूरे देश में आतंकवादियों की योजनाबद्ध हमलों की श्रृंखला को रोका जा सकेगा।

उपराज्यपाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने समय पर खुफिया जानकारी और समन्वित कार्रवाई से हाल ही के लाल किला विस्फोट से जुड़े आतंकवादी मॉड्यूल का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि वह नौगाम पुलिस स्टेशन में हुई दुखद घटना से बहुत दुखी हैं, जहां गिरफ्तार आतंकवादियों से बरामद विस्फोटक सामग्री की फोरेंसिक जांच के दौरान एक आकस्मिक विस्फोट हुआ।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की एक टीम ने लाल किला विस्फोट में शामिल आतंकवादियों से जब्त किए गए विस्फोटकों के नमूने एकत्र किए। यह दुखद है कि हमने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साहसी जवानों और अधिकारियों को खो दिया। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ।

उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि विस्फोट में कोई आतंकी पहलू या बाहरी हस्तक्षेप नहीं था और यह पूरी तरह से आकस्मिक था।

उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के समर्पण और काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई ने देशभर में आतंकवादी हमलों को रोककर अनगिनत लोगों की जान बचाई है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने नौगाम घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और घायलों और शहीदों के परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।

एनएसजी के केंद्रीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम दिन में पहले ही नौगाम पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी। टीम ने नमूने एकत्र किए और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की।

स्थानीय पुलिस अधिकारी फरीदाबाद में एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जब्त विस्फोटक सामग्री का नमूना ले रहे थे, तभी 14 नवंबर की रात लगभग 11:20 बजे नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर एक आकस्मिक विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में नौ लोग मारे गए, जबकि 31 अन्य घायल हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल क्या है?
यह एक ऐसा समूह है जो विभिन्न राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करता है।
नौगाम विस्फोट में कितने लोग मारे गए?
इस विस्फोट में नौ लोग मारे गए और 31 अन्य घायल हुए।
उपराज्यपाल ने पुलिस की सराहना क्यों की?
उपराज्यपाल ने खुफिया जानकारी और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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