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क्या विहिप ने जमशेदपुर के दलमा शिव मंदिर में टिकट वसूली पर विरोध जताया?

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क्या विहिप ने जमशेदपुर के दलमा शिव मंदिर में टिकट वसूली पर विरोध जताया?

सारांश

जमशेदपुर के दलमा शिव मंदिर में श्रद्धालुओं से शुल्क वसूली पर विहिप ने विरोध जताया है। जानें इस मुद्दे की बारीकियाँ और संबंधित अधिकारियों के दृष्टिकोण। क्या यह प्रथा सही है?

मुख्य बातें

विहिप का विरोध आस्था के खिलाफ शुल्क वसूली के संदर्भ में है।
शुल्क का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जाता है।
राज्य सरकार ने इस बार शुल्क में छूट दी है।
मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुल्क आवश्यक है।
संबंधित अधिकारी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील कर रहे हैं।

जमशेदपुर, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जमशेदपुर के पास दलमा पहाड़ पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन के महीने में श्रद्धालुओं से टिकट और वाहन पार्किंग शुल्क वसूलने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ा विरोध किया है। इस मुद्दे पर विहिप ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल शुल्क वसूली को समाप्त करने की मांग की है।

विहिप के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि सावन के महीने में भक्त अपनी आस्था और श्रद्धा से भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में टिकट और पार्किंग शुल्क वसूलना आस्था पर कर लगाने के समान है, जो एक गलत परंपरा है। उन्होंने इसे जजिया कर जैसा बताते हुए कहा कि विहिप इसका विरोध कर रही है और जल्द ही आंदोलन करके इस नियम को वापस करवाने का प्रयास करेगी।

इस बीच, जिले की डीएफओ सबा आलम ने स्पष्ट किया कि यह मंदिर दलमा वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र में स्थित है। यह शुल्क राज्य सरकार के निर्देश पर कई वर्षों से लिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह शुल्क उपयोग में लाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस बार राज्य सरकार के निर्देश पर शुल्क में छूट भी दी गई है, जो पूरे सावन महीने के लिए लागू रहेगी। डीएफओ ने बताया कि शुल्क के अनुसार श्रद्धालुओं को पार्किंग, सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह व्यवस्था मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्रद्धालुओं की आस्था है, जबकि दूसरी ओर, प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा। समाज में इस विषय पर संवाद की आवश्यकता है, ताकि सभी की भावनाओं का सम्मान किया जा सके।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या टिकट वसूली के पीछे कोई कानूनी आधार है?
जी हाँ, यह शुल्क राज्य सरकार के निर्देश पर वर्षों से लिया जा रहा है।
क्या श्रद्धालुओं को शुल्क के लिए कोई सुविधाएं मिलती हैं?
हाँ, श्रद्धालुओं को पार्किंग, सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
विहिप ने इस पर क्या कार्रवाई की है?
विहिप ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शुल्क वसूली को समाप्त करने की मांग की है।
क्या इस बार शुल्क में कोई छूट मिली है?
हाँ, इस बार राज्य सरकार के निर्देश पर शुल्क में छूट दी गई है।
क्या यह मामला सिर्फ एक मंदिर तक सीमित है?
नहीं, यह मुद्दा व्यापक स्तर पर श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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