क्या जमशेदपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- शिक्षा और शोध में नवाचार पर चर्चा
- 200 से अधिक विशेषज्ञ का भाग लेना
- क्षेत्रीय शैक्षणिक गतिविधियों को नया पहचान
- नेटवर्किंग और सहयोग के अवसर
- समाज और संस्कृति पर विचार-विमर्श
जमशेदपुर, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और कोल्हान विश्वविद्यालय के सहयोग से 29 से 31 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी पर्यावरणीय म्यूटाजेनेसिस (ईएमएसआई) के सहयोग से आयोजित हो रही है, जिसमें देश-विदेश से शिक्षाविद, प्रोफेसर, शोधकर्ता और छात्र भाग लेंगे।
आयोजकों के अनुसार, अब तक 200 से अधिक प्रतिभागी पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। संगोष्ठी का मुख्य फोकस शिक्षा, समाज, संस्कृति, तकनीक, पर्यावरण, स्वास्थ्य और वैश्विक चुनौतियों पर होगा। विभिन्न तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतिकरण, पैनल चर्चा, वर्कशॉप और पोस्टर सेशन के माध्यम से नए विचारों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। यह आयोजन शोधकर्ताओं के लिए नेटवर्किंग और सहयोग का एक बड़ा मंच साबित होगा।
झारखंड के राज्यपाल महामहिम संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे इस आयोजन की गरिमा और महत्व और बढ़ जाएगा। संगोष्ठी की संरक्षक कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता होंगी, जो मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। आयोजन की अध्यक्षता जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह करेंगे।
प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने बताया कि कॉलेज के 75 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा, "यह आयोजन शिक्षा और शोध में नए दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर गहन चर्चा का अवसर प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर संवाद करने का मौका मिलेगा।"
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि यह संगोष्ठी न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) के लिए गर्व का विषय है। इससे क्षेत्रीय शैक्षणिक गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी और वैश्विक मंच पर झारखंड की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का प्रदर्शन होगा।
आयोजकों ने बताया कि संगोष्ठी के दौरान विभिन्न सत्रों में पर्यावरणीय मुद्दों, जेनेटिक्स, स्वास्थ्य जोखिम, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और शिक्षा में नवाचार जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रतिभागी अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे और विशेषज्ञों से फीडबैक प्राप्त करेंगे। यह आयोजन युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक होगा और नए सहयोग की संभावनाएं खोलेगा।
जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जो कोल्हान विश्वविद्यालय से संबद्ध है, लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है। यह संगोष्ठी कॉलेज और विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल का एक शानदार उदाहरण है, जो उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी को बढ़ावा दे रही है।
आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। स्थानीय प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का दावा किया है। यह तीन दिवसीय आयोजन 29 जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें समापन सत्र में विशेष पुरस्कार और सम्मान भी दिए जाएंगे।