क्या इन तिथियों पर जन्मे लोगों के नाक पर हमेशा गुस्सा रहता है?
सारांश
Key Takeaways
- जन्मतिथि के अनुसार मूलांक व्यक्ति के स्वभाव को दर्शाता है।
- गुस्सा एक सामान्य भावना है, लेकिन इसे नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।
- अंक 1 और 9 वाले लोग अधिकतर गुस्सैल होते हैं।
- गुस्से को सकारात्मक दिशा में लगाकर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
- ध्यान और योग गुस्से को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर मूलांक निकाला जाता है, जो उसके स्वभाव, पसंद-नापसंद और जीवन के कई पहलुओं को दर्शाता है। खासकर गुस्से के संदर्भ में भी अंक हमें महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका गुस्सा हमेशा नाक पर रहता है और छोटी-छोटी बातों पर उनका मूड तुरंत खराब हो जाता है।
अंक शास्त्र के अनुसार, जिनका जन्म किसी भी माह की 1, 10, 19 और 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 होता है और इनके स्वामी ग्रह सूर्य हैं। सूर्य का प्रभाव इन्हें ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी करता है, लेकिन ये लोग जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। मामूली बातों पर नाराजगी दिखाना इनके लिए आम है, हालांकि इनका गुस्सा अधिकतर क्षणिक होता है और जल्दी शांत हो जाता है।
वहीं, जिनका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 और 27 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 9 होता है और मंगल ग्रह के प्रभाव में होते हैं। मंगल उन्हें साहसी, निडर और गुस्सैल बनाता है। मूलांक 9 वाले लोग भी छोटी बातों पर गुस्सा कर सकते हैं, और कभी-कभी उनका गुस्सा इतना तीव्र हो जाता है कि वे अपनी वाणी पर नियंत्रण खो देते हैं। इन्हें अनुशासन पसंद है और ये किसी भी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करते।
हालांकि, अंक 1 और 9 के लोग गुस्सैल जरूर होते हैं, लेकिन उनमें लीडरशिप, साहस, आत्मविश्वास और मददगार प्रवृत्ति जैसे गुण भी होते हैं। ये लोग किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं और अपने गुस्से को सही दिशा में लगाकर जीवन में सफलता प्राप्त कर लेते हैं।
हालांकि, कभी-कभी इनके गुस्से की आदत इन्हें परेशानी में डाल देती है। ये कई बार गुस्से में ऐसी बातें बोल देते हैं जो सामने वाले को बहुत दुख पहुंचा सकती हैं। इसलिए इन्हें अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए।