क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के हिंदू पत्नी के संबंध में बयान ने विवाद खड़ा किया?
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा ईसाई धर्म, अंतर-धार्मिक विवाह और अपनी हिंदू पत्नी पर दिए गए बयानों के कारण विवाद उत्पन्न हो गया है। हालांकि उपराष्ट्रपति ने इस मामले में स्पष्टीकरण भी दिया है, लेकिन इस मुद्दे ने भारत में ईसाई धर्म और हिंदू धर्म के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है। संतों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, यह कहते हुए कि ऐसा बयान पूरी दुनिया के लिए अपमानजनक है।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के देवाशाचार्य जी महाराज ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे अपनी पत्नी और बच्चों को ईसाई धर्म की ओर बढ़ावा दे रहे हैं। यह उचित नहीं है। आज पूरा देश हिंदू धर्म के साथ चलने के लिए तैयार है, क्योंकि यही धर्म वसुधैव कुटुंबकम की भावना को मानता है और सभी को साथ लेकर चलता है। उनकी पत्नी आज भी हिंदू धर्म के अनुसार चलती हैं, लेकिन उन पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डालना गलत है।"
महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "अमेरिकी उपराष्ट्रपति द्वारा बनाए गए दबाव को पूरी तरह गलत माना जाना चाहिए। हमारा सनातन धर्म हमें सही मार्ग दिखाता है। धर्म वही है, जिसे धारण किया जाए और सच्चा धर्म केवल सनातन धर्म है। किसी पर भी धर्म अपनाने का दबाव डालना गलत है, चाहे वह हिंदू हो या ईसाई।"
उन्होंने यह भी कहा, "धर्म परिवर्तन का दबाव डालना एक अपराध के समान है और यदि वे (जेडी वेंस) ऐसा दबाव बना रहे हैं, तो वे अपराधी के समान हैं।"
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर आचार्य जगत गुरु परमहंस ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस्तीफा देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "यह बयान पूरे विश्व के लिए आपत्तिजनक है। यदि उपराष्ट्रपति ने ऐसा कहा है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यह ध्यान रखें कि यदि उनकी पत्नी भविष्य में हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाती हैं, तो इसे जबरन दबाव ही माना जाएगा।"
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अंतर-धार्मिक विवाह और ईसाई धर्म पर पूछे गए सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनकी परवरिश ईसाई धर्म के अनुसार हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हर रविवार को अपनी पत्नी के साथ चर्च जाते हैं। विवाद के बाद, जेडी वेंस ने यह स्पष्ट किया कि पत्नी का धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है।