जेवर एयरपोर्ट का भव्य प्रवेश द्वार: बृजघाट की सांस्कृतिक पहचान, पीएम 28 मार्च को करेंगे उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को होगा।
- यह एयरपोर्ट बृजघाट की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाएगा।
- यात्री सुविधाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।
- यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए प्रमुख विकास का प्रतीक है।
- यह एयरपोर्ट भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का संगम है।
ग्रेटर नोएडा, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में निर्मित हो रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है, जिससे इसे देश के सबसे आधुनिक और शानदार हवाई अड्डों की सूची में शामिल किया जा सके। इस एयरपोर्ट की पहचान इसका मुख्य प्रवेश द्वार है, जिसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनोखी छवि के रूप में विकसित किया गया है।
यह प्रवेश द्वार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति का संगम प्रस्तुत करता है। इस द्वार को बृजघाट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक थीम पर तैयार किया गया है, जो गंगा तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसकी वास्तुकला में पारंपरिक नक्काशी, धार्मिक प्रतीक और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश किया गया है।
डिजाइन इस प्रकार से बनाया गया है कि जब यात्री एयरपोर्ट पर आएं, तो उन्हें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत अनुभव हो। यह भव्य द्वार केवल एक प्रवेश बिंदु नहीं, बल्कि एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा। एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से को भी यात्रियों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।
आगमन लाउंज में डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा गया है। साथ ही, खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा सहायता केंद्र जैसी सुविधाएं भी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा २८ मार्च २०२६ को किया जाएगा।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए एक गेम चेंजर साबित होने वाला है। इसके खुलने से क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई ऊर्जा मिलेगी। जेवर एयरपोर्ट का यह सांस्कृतिक प्रवेश द्वार न केवल यात्रियों का स्वागत करेगा, बल्कि यह भारतीय परंपरा और आधुनिकता के अद्वितीय संगम का प्रतीक होगा।