क्या राजस्थान के झालावाड़ में ट्रक और कार के बीच हादसे में हेडमास्टर की मौत हुई?
सारांश
Key Takeaways
- सड़क सुरक्षा की अवहेलना के कारण हादसे हो रहे हैं।
- समाजसेवी व्यक्तियों की सेवाएं अमूल्य होती हैं।
- हादसे में मृतकों के परिवारों को मदद की आवश्यकता है।
- पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
- इस तरह की घटनाएं हमें सतर्क रहने का पाठ पढ़ाती हैं।
झालावाड़, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के झालावाड़ में सोमवार को एक भयानक सड़क हादसा घटित हुआ। यहाँ पर ट्रक और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें एक हेडमास्टर और गौशाला सचिव की दुखद मृत्यु हो गई।
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को बहाल किया। पुलिस ने शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाया। पुलिस अब हादसे के कारणों की खोजबीन कर रही है। मामले की जांच अभी जारी है।
झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, "झालावाड़ कोतवाली क्षेत्र के गायत्री कॉलोनी, सन सिटी निवासी 59 वर्षीय प्रेमचंद दाधीच खोखन्दा क्षेत्र के स्कूल में हेडमास्टर थे, साथ ही श्रीकृष्ण गोशाला के सचिव के पद पर कार्यरत थे। सोमवार सुबह खोखंदा स्कूल से वापस झालावाड़ आ रहे थे। तभी झिरनिया घाटी के पास सामने से आ रहे ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मारी।"
पुलिस ने आगे बताया, "हादसे में कार सवार शिक्षक प्रेम दाधीच को गंभीर अवस्था में झालावाड़ के अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।"
हादसे के वक्त ट्रक घटनास्थल पर ही पलट गया। बताया जा रहा है कि ट्रक कोयला लेकर झालावाड़ की तरफ से कोटा की ओर जा रहा था। वहीं सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूर्व आरपीएससी चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से प्रेमचंद की सेवा के कार्य सराहनीय रहे हैं। उनका पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित था। नौकरी वे सिर्फ जीवन-यापन के लिए करते थे। इसके बाद जो भी समय बचता था, वे अपना समय गौ-सेवा में लगाते थे।"
उन्होंने कहा, "ऐसे समाजसेवी व्यक्ति का असमय चला जाना बहुत ही दुखदायी है। इस क्षति की पूर्ति नहीं की जा सकती।"