क्या आंध्र प्रदेश भवन में तीन दिवसीय भव्य संक्रांति समारोह का आयोजन होगा?

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क्या आंध्र प्रदेश भवन में तीन दिवसीय भव्य संक्रांति समारोह का आयोजन होगा?

सारांश

आंध्र प्रदेश भवन में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संक्रांति समारोह में सांस्कृतिक धरोहर, लोक कलाएं और भक्ति प्रथाओं का रंगारंग प्रदर्शन होगा। यह उत्सव न केवल आंध्र की समृद्ध परंपराओं का जश्न मनाएगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को एक अनोखा अनुभव भी प्रदान करेगा।

Key Takeaways

  • आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत
  • भोगी, संक्रांति, कनुमा के दिन
  • प्रामाणिक आंध्र व्यंजन
  • शास्त्रीय और लोक नृत्य प्रदर्शन
  • दिल्ली-एनसीआर में सांस्कृतिक एकता का उत्सव

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश भवन, नई दिल्ली में 14 से 16 जनवरी 2026 तक एक भव्य संक्रांति समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव आंध्र प्रदेश सरकार के प्रमुख संस्थान आंध्र प्रदेश भवन के परिसर में होगा, जहां राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सदियों पुरानी परंपराएं, जीवंत लोक कलाएं, भक्ति प्रथाएं और खुशी भरा उत्सव का माहौल उपस्थित रहेगा।

संक्रांति, जो कि आंध्र प्रदेश का सबसे शुभ फसल उत्सव (जिसे पेड्डा पंडुगा के नाम से जाना जाता है), इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों को एकजुट करना और दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को आंध्र संस्कृति का सच्चा अनुभव कराना है। इस दौरान भोगी (14 जनवरी), संक्रांति (15 जनवरी) और कनुमा (16 जनवरी) जैसे दिनों की परंपराओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

समारोह में दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियां होंगी, जैसे नादस्वरम की मधुर धुनें, गीता गाना, प्रवीणा श्रीमती सौजन्या द्वारा गीता स्वाद्यनम, और पल्लेकोकिला पसाला बेबी एवं उनकी टीम द्वारा फिल्मी संगीत प्रस्तुतियां। शास्त्रीय नृत्य जैसे कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। लोक प्रदर्शन में गरगल्लू (अमलापुरम), उरुमुलु (अनंतपुरम), और टप्पेटगुल्लू (श्रीकाकुलम) की ऊर्जावान झलकियां होंगी।

पारंपरिक अनुष्ठान प्रदर्शन जैसे हरिदासुलु, बुडाबुककलवल्लु, जंगमदेवरुलु, पिट्टाला डोरा, सोदम्मा, और डप्पुलु प्रामाणिकता और रंगत जोड़ेंगे। विशेष संक्रांति आकर्षणों में भोगी मंटालु (बोनफायर), मुग्गुला पोटेलु (रंगोली), मेहंदी, और भारतीय वायु सेना के अधिकारियों की पत्नियों द्वारा कोलाटम शामिल होंगे।

एक प्रमुख आकर्षण प्रमुख आंध्र मंदिरों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंदिर स्टॉल होंगे, जैसे टीटीडी तिरुमाला, सिम्हाचलम, और श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी मंदिर (विजयवाड़ा), जहां आध्यात्मिक प्रदर्शन और प्रसाद वितरण होगा। आगंतुक प्रामाणिक आंध्र व्यंजन जैसे अरिसेलु, पोंगल, साकिनालु, तिल-गुड़ की मिठाइयां, लाइव मनोरंजन, सभी आयु वर्ग के लिए खेल, और नवीनतम तेलुगु ब्लॉकबस्टर फिल्मों की स्क्रीनिंग का आनंद ले सकेंगे।

आंध्र प्रदेश भवन दिल्ली-एनसीआर के सभी निवासियों और आगंतुकों को संक्रांति 2026 - परंपरा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव के संगम का जश्न मनाने के लिए हार्दिक आमंत्रण देता है। यह आयोजन न केवल फसल की खुशी मनाएगा, बल्कि आंध्र की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय राजधानी में फैलाएगा। उत्सव में प्रवेश निःशुल्क या नाममात्र शुल्क पर होगा, और परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

Point of View

बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का माध्यम भी है।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

संक्रांति समारोह में क्या गतिविधियाँ होंगी?
समारोह में लोक कला, शास्त्रीय नृत्य, भोगी मंटालु, रंगोली और विभिन्न पारंपरिक अनुष्ठान होंगे।
क्या इस समारोह में प्रवेश शुल्क है?
उत्सव में प्रवेश निःशुल्क या नाममात्र शुल्क पर होगा।
समारोह का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करना और लोगों को एकजुट करना है।
समारोह कब से कब तक चलेगा?
यह समारोह 14 से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
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