क्या कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है? - शायना एनसी
सारांश
Key Takeaways
- लाडली बहना योजना महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का कदम है।
- कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप।
- राज ठाकरे के बयानों पर शायना एनसी की प्रतिक्रिया।
- हिंदुत्व और तुष्टिकरण की राजनीति पर चर्चा।
- भारत में विविधता और सांस्कृतिक सम्मान की आवश्यकता।
मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘लाडली बहना’ योजना पर उठाए गए सवालों और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना है कि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति में लगी हुई है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अगर कांग्रेस को इस योजना पर कोई आपत्ति है, तो उन्हें चुनाव आयोग से सीधे शिकायत करनी चाहिए। शायना एनसी ने आगे कहा कि ‘लाडली बहना’ योजना महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है। हमारी पार्टी ज़मीन पर काम कर रही है और महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
शायना एनसी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के उत्तर भारतीयों और बिहार को लेकर बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मराठी समाज ने हमेशा मराठी गौरव, आत्मसम्मान और पहचान को प्राथमिकता दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हिंसा को बढ़ावा दिया जाए या किसी समुदाय को अपमानित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘लुंगी-पुंगी’ या ‘रस मलाई’ जैसे शब्द महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की परंपरा सभी को सम्मान देने की रही है, जबकि मराठी भाषा और अस्मिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
शायना एनसी ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये दल हिंदुत्व की बातें तो करते हैं, लेकिन उनके चुनावी घोषणापत्रों में ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे’, ‘हिंदुत्व’ और ‘मराठी मानुष’ जैसे शब्दों का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार दिया और कहा कि इन दलों के पास विकास की कोई ठोस योजना नहीं है, केवल बयानबाजी से ही उनकी राजनीति की पहचान बनती जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए, शायना एनसी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की दादागिरी की सीमा पार हो गई है, लेकिन भारत एक सक्षम और आत्मनिर्भर देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और विदेश मंत्रालय के सहयोग से भारत वैश्विक समुदाय के साथ तालमेल बनाकर उचित जवाब देगा। उन्होंने यह भी कहा कि 21वीं सदी में देशों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए, जबकि ट्रंप केवल अमेरिका को आगे बढ़ाने की सोच रखते हैं। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भारत की भूमिका स्पष्ट होगी और देशहित सर्वोपरि रहेगा।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व से जुड़े बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, शायना एनसी ने कहा कि उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि हिंदुत्व का क्या अर्थ है। उनके अनुसार, हिंदुत्व का मतलब सभी के लिए न्याय और समानता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है। अगर कांग्रेस वास्तव में देश की तरक्की चाहती है, तो उसे जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास की बात करनी चाहिए।
शायना एनसी ने देवकीनंदन ठाकुर द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने की बात पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद का निर्माण आस्था का विषय है, और भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर रहते हैं। उन्होंने जोर दिया कि आपसी सम्मान और सौहार्द ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।