झालावाड़ सड़क हादसा: NH-52 पर कार की टक्कर से बाइक सवार 3 लोगों की मौत, पुलिस जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) की बरेडी घाटी पर मंगलवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जब सामने से आ रही एक तेज़ रफ़्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को सीधी टक्कर मार दी। अकलेरा पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और मामले की आगे की जाँच जारी है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, उग्रपुरा गाँव (घाटोली क्षेत्र, झालावाड़) निवासी अमरलाल, उसी गाँव के बिरम तंवर और जोधपुर निवासी अनिल चौधरी — तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर किसी काम से अकलेरा आए थे। वापस लौटते समय NH-52 बरेडी घाटी पर विपरीत दिशा से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को ज़ोरदार टक्कर मार दी।
दुर्घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अकलेरा अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ बिरम तंवर और अनिल चौधरी ने दम तोड़ दिया। अमरलाल की हालत अधिक गंभीर होने पर उसे झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ बुधवार को उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम और परिजनों को सुपुर्दगी
अकलेरा पुलिस ने बिरम तंवर और अमरलाल के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया है। जोधपुर निवासी अनिल चौधरी का पोस्टमार्टम उनके परिजनों के पहुँचने के बाद किया जाएगा। पुलिस ने टक्कर मारने वाली कार जब्त कर ली है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
फिरोजाबाद में भी सड़क दुर्घटना, न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौत
इसी बुधवार को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से भी एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई। मक्खनपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर दो कारों की आपसी टक्कर के बाद एक स्विफ्ट डिज़ायर अनियंत्रित होकर पलट गई।
इस कार को फिरोजाबाद में तैनात न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनम चतुर्वेदी चला रही थीं। हादसे में उन्हें सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। सोनम चतुर्वेदी मूल रूप से आगरा के मैनपुरी जिले के चंदीकरा गाँव की निवासी थीं।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
गौरतलब है कि NH-52 बरेडी घाटी जैसे पहाड़ी और घुमावदार मार्गों पर वाहन-चालकों की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएँ लगातार होती रही हैं। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी घाटियों पर गति सीमा के सख्त पालन और चेतावनी संकेतकों की ज़रूरत है।
आगे की जाँच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कार-चालक की लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण थी या नहीं। दोनों घटनाएँ एक बार फिर भारतीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती हैं।