4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

37वां एपेक विदेश व व्यापार मंत्री सम्मेलन बीजिंग में संपन्न, वांग यी बोले — एशिया-प्रशांत एकता अटूट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
37वां एपेक विदेश व व्यापार मंत्री सम्मेलन बीजिंग में संपन्न, वांग यी बोले — एशिया-प्रशांत एकता अटूट

सारांश

12 साल बाद एपेक की मेजबानी कर रहे चीन ने बीजिंग में 37वें विदेश व व्यापार मंत्री सम्मेलन का आयोजन किया। वांग यी ने एशिया-प्रशांत एकता का आह्वान किया, जबकि वांग वनथाओ ने आपूर्ति श्रृंखला के टूटने के जोखिम पर चिंता जताई। यह बैठक आगामी एपेक नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी के रूप में अहम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

37वां एपेक विदेश और व्यापार मंत्री सम्मेलन 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बीजिंग में आयोजित हुआ।
सह-अध्यक्षता चीनी विदेश मंत्री वांग यी और वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने की।
चीन ने 12 वर्षों के अंतराल के बाद एपेक की मेजबानी दोबारा संभाली और 300 से अधिक बैठकों व कार्यक्रमों का आयोजन किया।
वांग वनथाओ ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला खंडन के बढ़ते जोखिम और आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ़्तार पर चिंता जताई।
सम्मेलन आगामी एपेक नेताओं के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की तैयारी के तौर पर आयोजित हुआ।

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के 37वें विदेश और व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए चीन की राजधानी बीजिंग (पेइचिंग) में किया गया। सम्मेलन की सह-अध्यक्षता चीनी विदेश मंत्री वांग यी और वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने की। यह बैठक एपेक नेताओं के आगामी अनौपचारिक सम्मेलन की तैयारी के रूप में अहम मानी जा रही है।

सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए

इस उच्चस्तरीय बैठक में एपेक सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ 2026 एपेक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के अध्यक्ष, एपेक सचिवालय के कार्यकारी निदेशक, व्यावसायिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष और पर्यवेक्षक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि 12 वर्षों के अंतराल के बाद चीन इस साल फिर एपेक की मेजबानी कर रहा है।

वांग यी का बयान — एकता और समृद्धि का आह्वान

वांग यी ने कहा कि चीन ने एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण और समान समृद्धि के विषय पर सभी सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ खुलेपन, नवाचार और सहयोग के क्षेत्रों में 300 से अधिक बैठकों और कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद एशिया-प्रशांत क्षेत्र हमेशा स्थिरता का स्तंभ, विकास का इंजन और सहयोग का केंद्र रहा है।

वांग यी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी एपेक नेताओं का अनौपचारिक सम्मेलन क्षेत्र के भावी विकास के लिए एक निर्णायक मंच होगा और चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर उसमें ठोस उपलब्धियाँ सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वांग वनथाओ की चेतावनी — आपूर्ति श्रृंखला पर जोखिम

वांग वनथाओ ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल से उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला के खंडित होने का जोखिम बढ़ रहा है और आर्थिक वृद्धि की रफ़्तार धीमी पड़ रही है। उन्होंने एपेक सदस्यों से आग्रह किया कि वे एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए व्यावहारिक और कारगर नीतिगत प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

वांग वनथाओ ने चीन की नीति की रेखा भी दोहराई — उच्च-स्तरीय खुलेपन को बनाए रखना, विदेशी निवेश उद्यमों को राष्ट्रीय व्यवहार सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के साथ-साथ खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना।

सदस्य देशों की प्रतिक्रिया

सम्मेलन में उपस्थित विभिन्न सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एपेक के 'चीन वर्ष' में सभी क्षेत्रों में सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने एपेक के सहयोगी ढाँचे में चीन की केंद्रीय भूमिका के लिए आभार भी प्रकट किया।

आगे क्या होगा

यह मंत्री सम्मेलन आगामी एपेक नेताओं के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की ज़मीन तैयार करता है, जो एशिया-प्रशांत सहयोग के भावी एजेंडे को आकार देगा। यह ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक व्यापार में तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ हो रही है — जिससे एपेक का मंच पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की रिपोर्टिंग अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। '300 से अधिक बैठकों' का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि नेताओं के शिखर सम्मेलन में कौन-से ठोस समझौते सामने आते हैं — और क्या एपेक का यह पुनरुत्थान केवल चीन की छवि-निर्माण का मंच बनकर रह जाता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

37वां एपेक विदेश और व्यापार मंत्री सम्मेलन कब और कहाँ हुआ?
यह सम्मेलन 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित हुआ। इसकी सह-अध्यक्षता चीनी विदेश मंत्री वांग यी और वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने की।
एपेक सम्मेलन में चीन की मेजबानी क्यों अहम है?
चीन 12 वर्षों के अंतराल के बाद 2026 में फिर से एपेक की मेजबानी कर रहा है। इस दौरान चीन ने खुलेपन, नवाचार और सहयोग के क्षेत्रों में 300 से अधिक बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिससे यह 'एपेक चीन वर्ष' कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
वांग वनथाओ ने आपूर्ति श्रृंखला पर क्या चिंता जताई?
वांग वनथाओ ने कहा कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल से उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला के खंडित होने का जोखिम बढ़ रहा है और आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ रही है। उन्होंने एपेक सदस्यों से व्यावहारिक और कारगर नीतिगत प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया।
एपेक नेताओं का अनौपचारिक शिखर सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?
वांग यी के अनुसार, आगामी एपेक नेताओं का अनौपचारिक सम्मेलन एशिया-प्रशांत क्षेत्र के भावी विकास से जुड़े अहम निर्णयों का मंच होगा। यह मंत्री सम्मेलन उसी शिखर बैठक की तैयारी के रूप में आयोजित किया गया था।
एपेक में कौन-कौन से देश और प्रतिनिधि शामिल होते हैं?
एपेक एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं का मंच है। इस सम्मेलन में सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के अध्यक्ष, सचिवालय के कार्यकारी निदेशक, व्यावसायिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष और पर्यवेक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले