झारखंड कैबिनेट ने नक्शे के बिना बने मकानों को नियमित करने का किया फैसला, कर्मचारियों के डीए में वृद्धि

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झारखंड कैबिनेट ने नक्शे के बिना बने मकानों को नियमित करने का किया फैसला, कर्मचारियों के डीए में वृद्धि

सारांश

झारखंड कैबिनेट ने नक्शे के बिना बने मकानों के नियमितीकरण के लिए नियमों को मंजूरी दी। इसके साथ ही, राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी भी की गई है। यह निर्णय प्रदेश के नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है।

Key Takeaways

  • नक्शे के बिना बने मकानों का नियमितीकरण संभव होगा।
  • राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि।
  • अवैध खनन पर सख्त नियम लागू।
  • सरकारी अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार।

रांची, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड कैबिनेट ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वीकृत नक्शों के बगैर बने मकानों के नियमितीकरण के लिए बहुप्रतीक्षित 'झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग रूल, 2026' को मंजूरी दी। कैबिनेट ने राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, अवैध खनन पर सख्ती और आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रस्तावों समेत कुल 53 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, 300 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल और 10 मीटर तक ऊंचाई वाले अनधिकृत आवासीय भवनों को निर्धारित शर्तों के तहत नियमित किया जा सकेगा। इसके लिए आवासीय भवनों पर न्यूनतम 10 हजार रुपये और व्यावसायिक भवनों पर 20 हजार रुपये का शुल्क तय किया गया है। भवन स्वामी इस राशि का भुगतान तीन किस्तों में कर सकेंगे, जिससे बड़ी संख्या में मकान मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए 'झारखंड मिनरल्स अमेंडमेंट रूल्स, 2026' को भी स्वीकृति दी गई है। नए प्रावधानों के तहत अवैध खनन और भंडारण पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों से रॉयल्टी का दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही खनिज डीलरों का पंजीकरण और मासिक रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य किया गया है। लघु खनिज समनुदान नियमावली में संशोधन करते हुए खनन पट्टों की अधिकतम अवधि 30 वर्ष और क्षेत्र सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।

राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया है। छठे केंद्रीय वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मियों के डीए में 5 प्रतिशत और पांचवे वेतनमान के कर्मियों के डीए में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।

धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और जामताड़ा के सदर अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा गिरिडीह स्थित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

अन्य फैसलों में सहरकोल-पाकुड़ बाईपास सड़क निर्माण के लिए 45.47 करोड़ रुपए और बड़हरवा शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 87.21 करोड़ रुपए की स्वीकृति शामिल है।

जमशेदपुर में अंतर-राज्यीय बस स्टैंड सह वाणिज्यिक परिसर के निर्माण के लिए 153.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए 'एपीबी भारत नेट प्रोजेक्ट' को भी मंजूरी प्रदान की गई।

झारखंड के सरकारी विद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों के लिए राज्य स्तरीय क्विज का आयोजन कराने के उच्च शिक्षण संस्थानों में अब महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवसों पर अनिवार्य रूप से आयोजन किया जाएगा, ताकि छात्र इतिहास और सामाजिक सरोकारों से जुड़ सकें।

Point of View

NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

झारखंड कैबिनेट ने कौन से नए नियम लागू किए हैं?
झारखंड कैबिनेट ने नक्शे के बिना बने मकानों के नियमितीकरण के लिए नए नियमों को मंजूरी दी है।
राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में कितनी वृद्धि हुई है?
राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में 5 से 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
अवैध खनन पर क्या कदम उठाए गए हैं?
अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए नए नियमों को स्वीकृति दी गई है, जिसमें जुर्माना बढ़ाने का प्रावधान है।
नई शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों का सृजन कब किया जाएगा?
गिरिडीह स्थित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय में नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए क्या प्रोजेक्ट है?
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए 'एपीबी भारत नेट प्रोजेक्ट' को मंजूरी दी गई है।
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