चतरा पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान: 2.5 किलो अफीम, ₹4 लाख नकद सहित 4 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले की पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी विरोधी अभियान में 11 अक्टूबर 2026 को बड़ी कामयाबी हासिल की। लावालौंग थाना क्षेत्र के ग्राम हेडुम में की गई छापेमारी में पुलिस ने 2.5 किलोग्राम अवैध अफीम और ₹4 लाख नकद सहित चार तस्करों को रंगे हाथ दबोचा। पुलिस के अनुसार यह खेप पंजाब भेजी जाने की तैयारी में थी।
गुप्त सूचना से छापेमारी तक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम हेडुम के मुनेश्वर कुमार यादव और दिनेश कुमार यादव भारी मात्रा में अफीम एकत्र कर पंजाब ले जाने की फिराक में हैं। सूचना की पुष्टि होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। इस दल ने हरदेव यादव के मकान पर अचानक दबिश दी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को देखते ही वहाँ मौजूद लोगों ने भागने का प्रयास किया, किंतु सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी मुनेश्वर यादव के पास से 2.5 किलो अफीम, ₹4 लाख नकद, एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: मुनेश्वर कुमार यादव (30), कमलेश कुमार यादव (19), पंकज कुमार (19) और राकेश कुमार यादव (19)। पुलिस जाँच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मुनेश्वर यादव का पुराना आपराधिक इतिहास है और वह वर्ष 2025 में हरियाणा के करनाल जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में जेल जा चुका है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र से पंजाब को अफीम तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में लावालौंग थाने में एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (कांड संख्या 74/26) दर्ज की गई है। चारों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है।
क्या होगा आगे
चतरा पुलिस के इस अभियान से झारखंड-पंजाब अफीम तस्करी मार्ग पर कार्रवाई का संकेत मिलता है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और आपूर्ति शृंखला का पर्दाफाश इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।