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क्या झारखंड के खूंटी में ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या एक संगठित अपराध है?

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क्या झारखंड के खूंटी में ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या एक संगठित अपराध है?

सारांश

झारखंड के खूंटी में ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है। हथियारबंद अपराधियों ने उनके घर पर हमला किया और उनके भांजे को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। क्या यह घटना एक संगठित अपराध का हिस्सा है? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।

मुख्य बातें

ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में यह घटना सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है।
हत्याकांड के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।
स्थानीय जनता में आक्रोश और भय का माहौल है।

रांची, 29 जून (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र के काड़ेतुबिद गांव में हथियारबंद अपराधियों ने ग्राम प्रधान बलराम मुंडा के निवास पर हमला करके उनकी हत्या कर दी। उन पर गोली चलाई गई और इसके बाद धारदार हथियार से कई बार वार किए गए। वह मौके पर ही दम तोड़ गए

यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुई। अपराधियों ने घर में मौजूद ग्राम प्रधान के भांजे आचू मुंडा की भी बुरी तरह पिटाई की, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज खूंटी के सदर अस्पताल में चल रहा है। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। रविवार को जब क्षेत्र के लोगों को इस वारदात की जानकारी मिली, तो सनसनी फैल गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

मारे गए ग्राम प्रधान बलराम मुंडा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े थे और वह खूंटी जिला भाजपा मंडल के मंत्री रह चुके थे। उनकी हत्या की सूचना सुनकर झारखंड के पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा सहित पार्टी के कई नेता अस्पताल पहुंचे। पार्टी ने इस हत्याकांड की निंदा की है और हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

बताया गया कि रात के समय बारिश के दौरान, 10-12 की संख्या में हथियारबंद अपराधी उनके घर में घुस आए। उन्होंने ग्राम प्रधान बलराम मुंडा को देखते ही गोली चला दी और उसके बाद उन्हें बेरहमी से काट दिया। हमलावरों ने बलराम के भांजे आचू मुंडा की भी पिटाई की। हमलावर लगभग 20 मिनट तक घर में रहे और इस दौरान उन्होंने घर के सामान को भी नुकसान पहुँचाया।

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम देर रात घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर खूंटी सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है। मृतक बलराम मुंडा अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। इस बर्बर हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो झारखंड में बढ़ते अपराध और असुरक्षा को उजागर करता है। एक ग्राम प्रधान की हत्या से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय नेता भी सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बलराम मुंडा का राजनीतिक संबंध था?
जी हां, बलराम मुंडा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े थे और उन्होंने खूंटी जिला भाजपा मंडल के मंत्री के रूप में कार्य किया था।
क्या पुलिस ने अपराधियों को पकड़ लिया है?
पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है।
क्या घटना के पीछे कोई राजनीतिक कारण हो सकता है?
अभी तक घटना के पीछे राजनीतिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह एक गंभीर अपराध के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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