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झारखंड निकाय चुनाव: आदित्य साहू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, निष्पक्ष मतगणना की मांग

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झारखंड निकाय चुनाव: आदित्य साहू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, निष्पक्ष मतगणना की मांग

सारांश

झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बाद भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने निष्पक्ष मतगणना की आवश्यकता पर जोर दिया और कई गंभीर मुद्दों को उठाया।

मुख्य बातें

आदित्य साहू ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गंभीर आरोप लगाए।
मतगणना में हस्तक्षेप का आरोप।
मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें।
पारदर्शी मतगणना की मांग की गई।
भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में स्पष्ट रुझान।

रांची, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के पश्चात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि झारखंड के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में हुए चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन जनता ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया।

साहू ने राज्य के मतदाताओं, मतदान कर्मियों और निर्वाचन आयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस लोकतंत्र के महापर्व में औसतन 50 प्रतिशत मतदान हुआ है और अंतिम आंकड़ा इससे अधिक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में जनता का स्पष्ट रुझान देखने को मिला है और अधिकांश सीटों पर उनकी जीत सुनिश्चित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कभी भी निकाय चुनाव कराने की इच्छुक नहीं थी और यह चुनाव भाजपा के आंदोलनों तथा न्यायालय के दबाव का परिणाम है। चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन के सहारे सत्तारूढ़ पक्ष ने विभिन्न स्तरों पर हस्तक्षेप किया। भाजपा ने इसकी आशंका पहले ही जताई थी और निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भी दी थी।

साहू ने कहा कि लगभग 20 हजार से अधिक मतदान कर्मियों को मतदान से वंचित रखा गया, क्योंकि उनके लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की संभावना थी, वहां मतदान प्रतिशत कम करने की कोशिश की गई, जबकि एक समुदाय विशेष के मत प्रतिशत को बढ़ाने का प्रयास किया गया। साथ ही, भगवा गमछा पहनकर मतदान करने आए मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार की कई शिकायतें भी मिलीं।

उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बोगस मतदान और धमकी की घटनाओं का उल्लेख किया। मेदिनीनगर, गढ़वा, गिरिडीह, जुगसलाई, साहेबगंज, जमशेदपुर, चक्रधरपुर और चाकुलिया में कथित तौर पर बूथ स्तर पर अनियमितताओं, मतदाताओं को धमकाने और पैसे बांटने की घटनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई और मतदाताओं के बूथ उनके निवास से कई किलोमीटर दूर कर दिए गए। मतदाता पहचान पत्र की जांच में दोहरा मापदंड अपनाया गया। साथ ही, उन्होंने एक प्रत्याशी को प्रशासनिक दबाव के कारण धरने पर बैठने की नौबत आने का भी उल्लेख किया।

मतगणना को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने आशंका व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मेयर और वार्ड पार्षद के मत एक ही मतपेटी में डाले जाने की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं और इससे मतगणना को प्रभावित करने की साजिश की आशंका बढ़ती है।

उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास हुआ तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आदित्य साहू के आरोप गंभीर हैं। यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप होता है, तो यह न केवल चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करता है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है। सभी पक्षों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य साहू ने किस चुनाव पर बयान दिया?
आदित्य साहू ने झारखंड के नगर निकाय चुनाव पर बयान दिया।
उन्होंने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
मतगणना में क्या समस्याएं सामने आई?
साहू ने मतगणना के दौरान अव्यवस्था और हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
मतदाता सूची में क्या गड़बड़ी हुई?
कई स्थानों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और बूथ स्थानांतरित करने की शिकायतें मिलीं।
भाजपा ने क्या मांग की?
भाजपा ने निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की मांग की।
राष्ट्र प्रेस
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