क्या झारखंड से गोवा ले जाए जा रहे 13 बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन पर मुक्त किया गया?

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क्या झारखंड से गोवा ले जाए जा रहे 13 बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन पर मुक्त किया गया?

सारांश

रांची रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई में 13 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया गया। यह घटना बच्चों को काम दिलाने के बहाने गोवा ले जाने के प्रयास से जुड़ी है। जानें इस घटना का पूरा विवरण और अधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

आरपीएफ और चाइल्डलाइन की कार्रवाई ने 13 बच्चों को बचाया।
तस्करी के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
सामाजिक सहयोग से हम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

रांची, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। रांची में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और चाइल्डलाइन ने मानव तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। झारखंड से गोवा ले जाए जा रहे 13 बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन पर एक गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया। हालांकि, तस्कर भागने में सफल हो गए। ये बच्चे वास्कोडिगामा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 17322) से यात्रा कर रहे थे।

आरपीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिगों को नौकरी दिलाने के बहाने गोवा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट रांची, जीआरपी रांची, मुरी थाना पुलिस और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने ट्रेन के मुरी स्टेशन से रवाना होने के बाद चलती ट्रेन में जांच अभियान शुरू किया।

जैसे ही ट्रेन सोमवार रात करीब 9 बजे रांची स्टेशन पहुंची, सुरक्षा बलों ने जनरल कोच में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान 13 नाबालिग लड़के पाए गए, जो झारखंड में देवघर के पास स्थित जसीडीह स्टेशन से सवार हुए थे। आधार कार्ड और प्राथमिक पूछताछ से पुष्टि हुई कि सभी की उम्र 18 वर्ष से कम है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों को काम दिलाने के नाम पर गोवा ले जाया जा रहा था। बच्चों को जीआरपी थाना रांची लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के हवाले कर दिया गया। चाइल्डलाइन टीम अब उनकी काउंसलिंग कर रही है और परिजनों से संपर्क कर रही है।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि तस्कर मौके से फरार हो गए, लेकिन उनकी पहचान के सुराग मिले हैं और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को बच्चों या किशोरों की संदिग्ध यात्रा की जानकारी मिलती है तो तुरंत रेलवे या पुलिस को सूचना दें ताकि मानव तस्करी जैसी गंभीर अपराधों को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज के हर वर्ग को जागरूक करने की आवश्यकता को भी दर्शाती है। हमें बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बच्चे सुरक्षित हैं?
हाँ, सभी बच्चों को चाइल्डलाइन के हवाले कर दिया गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
तस्कर अभी भी पकड़ में नहीं आए हैं?
हां, तस्कर भागने में सफल रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान के सुराग मिले हैं।
इस प्रकार की घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है?
सामाजिक जागरूकता और सतर्कता से हम ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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