क्या 'आज मेरे पिया घर आवेंगे' सिर्फ मोहब्बत का नहीं, बल्कि मौत का जश्न है?
सारांश
Key Takeaways
- कैलाश खेर का गाना 'आज मेरे पिया घर आवेंगे' आध्यात्मिकता को दर्शाता है।
- गाने में आत्मा और परमात्मा के मिलन की कहानी है।
- कैलाश ने अपने पिता की मृत्यु से प्रेरणा ली।
- यह गाना उनके लिए एक भावुक अनुभव है।
- गाने की पंक्तियाँ गहन अर्थ रखती हैं।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सूफी से लेकर शास्त्रीय संगीत में प्रेम और भावना से भरे गाने सुनने को मिलते हैं, लेकिन जब बात कैलाश खेर जैसे गायक की आती है, तो उनके गानों की प्रत्येक पंक्ति का अपना महत्व होता है और उनकी आवाज सीधे दिल को छू जाती है।
700 गानों में अपनी आवाज देने वाले कैलाश खेर को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने 'अल्लाह के बंदे हंस दे' और 'रब्बा इश्क न होवे' जैसे गानों के जरिए प्रसिद्धि हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका गाना 'आज मेरे पिया घर आवेंगे' रोमांटिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक है?
शादी-समारोहों में गाए जाने वाले 'आज मेरे पिया घर आवेंगे' गाने के बारे में लोगों की धारणा है कि दुल्हन अपने पिया के स्वागत की तैयारी कर रही है, लेकिन असल में यह गाना आत्मा और परमात्मा के मिलन को दर्शाता है। गाने की पहली पंक्ति 'हे री सखी मंगल गाओ री, धरती अंबर सजाओ री, आज उतरेगी पी की सवारी' का अर्थ है कि एक आत्मा, जो शरीर को छोड़ चुकी है, अपने 'पी' यानी परमात्मा से मिलने के लिए उत्साहित है। आत्मा खुद को संवार रही है और अपने 'पी' से मिलने की चाह रखती है।
कैलाश खेर ने खुलासा किया कि इस गाने की प्रेरणा उन्हें मौत के अनुभव से मिली। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को उनके पिता भक्ति भाव से 'हरे राम' और भगवान के भजनों का गायन कर रहे थे। यह दृश्य सामान्य नहीं था, क्योंकि वे अपने भगवान में लीन थे। जब कैलाश ने पूछा कि क्या उनके पिता ठीक हैं, तभी उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उनके चेहरे पर एक अद्भुत खुशी और शांति थी, जैसे वे अपने परमात्मा से मिलकर पूर्ण हो गए हों।
कैलाश ने कहा कि उनके पिता को यह एहसास था कि वे परमात्मा में लीन हो रहे हैं और वो खुश थे। पिता की मृत्यु के बाद कैलाश टूट गए थे, क्योंकि उनके पिता ने ही उन्हें संगीत की शिक्षा दी थी। उन्होंने उस दिन भी स्टेज पर लाइव प्रदर्शन किया, जबकि वे अपने करियर के संघर्ष में थे।
पिता की मृत्यु के बाद, उन्होंने आत्मा और परमात्मा के इस रिश्ते को गाने के माध्यम से एक गहन गीत में पिरोया। कैलाश ने कहा कि यह गाना उनके लिए बेहद खास है क्योंकि यह उन्हें अपने पिता की याद दिलाता है।