क्या मध्य प्रदेश में दिग्विजय और कमलनाथ के बीच खींचतान है?

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क्या मध्य प्रदेश में दिग्विजय और कमलनाथ के बीच खींचतान है?

सारांश

क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक हलचल मचा दी है? जानें इस सियासी जिरह की पूरी कहानी और भाजपा की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • 2018 में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सत्ता हासिल की थी।
  • दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच बयानबाजी जारी है।
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी ने सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • भाजपा ने कांग्रेस के नेताओं के बयानों पर चुटकी ली है।
  • भविष्य में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

भोपाल, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई थी, लेकिन मात्र डेढ़ साल बाद उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा था। अब यही घटनाक्रम कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, के बीच जिरह का विषय बन गया है।

वास्तव में, वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 15 साल बाद सत्ता मिली थी, लेकिन 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी के कारण 22 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और सरकार गिर गई। इस पूरे घटनाक्रम पर अब ये दो बड़े नेता अपनी राय खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कांग्रेस की सरकार गिरने का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि कमलनाथ, सिंधिया और एक बड़े उद्योगपति की उपस्थिति में चर्चा हुई थी। बाद में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से जुड़े कुछ नेताओं की नियुक्ति पर सहमति बनी और उस पर सिंधिया तथा दिग्विजय सिंह ने हस्ताक्षर कर कमलनाथ को सूची सौंपी, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। यही घटनाक्रम सरकार गिरने का मुख्य कारण बना।

वहीं, कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार किया है और कहा है कि मध्य प्रदेश में 2020 में उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिराने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है। उन्होंने कहा कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फायदा नहीं है, लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई।

कांग्रेस के इन दो दिग्गज नेताओं के बयान सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बने हुए हैं, वहीं कांग्रेस के नेता बढ़ती बयानबाजी से चिंतित हैं। भाजपा इन नेताओं के बयानों पर चुटकी ले रही है।

भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि कमलनाथ ने स्वीकार कर लिया है कि 'श्रीमान बंटाधार' ने उनकी सरकार का बंटाधार किया था। दिग्विजय सिंह ही उनकी सरकार को चला रहे थे। यह सच्चाई भी प्रमाणित हो गई है कि भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप झूठा था। सच्चाई स्वीकारने के लिए कमलनाथ को बहुत-बहुत बधाई।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच क्या विवाद है?
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच बयानबाजी हो रही है, जिसमें कांग्रेस की सरकार गिरने के कारणों को लेकर मतभेद हैं।
भाजपा ने इस विवाद पर क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कमलनाथ ने स्वीकार किया है कि दिग्विजय सिंह ही उनकी सरकार चला रहे थे और भाजपा पर आरोप झूठे थे।