कानपुर में बेकाबू थार ने वृद्ध स्कूटर सवार को 30 मीटर घसीटा, मौके पर मौत; महिला चालक पर नशे का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास-3 इलाके में रविवार, 8 नवंबर 2026 को एक अनियंत्रित थार ने स्कूटर सवार एक वृद्ध को टक्कर मार दी और करीब 30 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे में कई अन्य लोग भी घायल हुए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मुख्य घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज़ रफ्तार थार ने सबसे पहले स्कूटर सवार वृद्ध को अपनी चपेट में लिया। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि वाहन उन्हें स्कूटर समेत करीब 30 मीटर तक घसीटते हुए ले गया और अंततः एक मकान के बाहर बने गार्डन के पिलर से टकराकर रुका। वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय थार को एक महिला चला रही थी और गाड़ी में दो युवतियाँ भी सवार थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों युवतियाँ कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाई दे रही थीं। हादसे के तुरंत बाद दोनों युवतियाँ मौके से उतरकर दूसरी कार में सवार होकर फरार हो गईं।
वाहन पर लिखे नाम से उठे सवाल
चर्चा का एक अहम पहलू यह भी है कि थार के अगले शीशे पर 'राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (भानू)' और पीछे 'कृष्णा ग्रुप' लिखा हुआ था। इन नामों के सार्वजनिक होने के बाद इलाके में और भी बड़ी भीड़ जमा हो गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और हादसे के समय उसमें वास्तव में कौन सवार था।
परिजनों का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
मृतक के परिजन जीपीएस लोकेटर की मदद से घटनास्थल पर पहुँचे। इस दौरान परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई। परिवार में हादसे को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया।
कल्याणपुर पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। पुलिस के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आगे क्या होगा
पुलिस घटनास्थल और वाहन से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर हादसे के कारणों की जाँच कर रही है। फरार युवतियों की पहचान और वाहन के असली चालक का पता लगाना फिलहाल जाँच की प्राथमिकता है। जाँच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों और नशे में वाहन चलाने के मामलों पर सख्ती की माँग लगातार उठ रही है।