ग्रेटर नोएडा: थार से स्कूटी सवार की मौत, फरार चालक की गिरफ्तारी को लेकर बिसरख थाने पहुँचे सैकड़ों लोग
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा में थार वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार पति की मौत और पत्नी के आईसीयू में भर्ती होने के बाद, 23 सितंबर 2026 को बड़ी संख्या में मृतक के परिजन और सोसायटी निवासी बिसरख थाने पहुँचे और फरार थार चालक की जल्द गिरफ्तारी की माँग की। हादसे के बाद से आरोपी चालक अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
आरोप है कि थार वाहन चालक ने तेज रफ्तार में स्कूटी सवार पति-पत्नी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे अब भी आईसीयू में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद आरोपी थार चालक मौके से फरार हो गया। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बिसरख थाने पर उमड़ा आक्रोश
मृतक के परिजनों और सोसायटी के निवासियों ने बिसरख थाने पहुँचकर पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी माँगें रखीं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने थाने के अंदर कैंडल जलाकर मृतक को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।
परिजनों और सोसायटी वासियों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में हिट एंड रन से संबंधित धाराएँ शामिल नहीं की हैं। उन्होंने माँग की कि मुकदमे में आवश्यक कानूनी धाराएँ जोड़ी जाएँ और घटना की गंभीरता के अनुरूप सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परिजनों की माँगें
पीड़ित परिवार और सोसायटी निवासियों ने पुलिस के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखीं — फरार थार चालक की तत्काल गिरफ्तारी, मुकदमे में हिट एंड रन धाराओं को शामिल करना, और पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाना। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि एक परिवार ने अपना मुखिया खो दिया है और परिवार की एक सदस्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है — ऐसे में गिरफ्तारी में हो रही देरी ने सोसायटी में व्यापक रोष पैदा किया है।
पुलिस की स्थिति
फिलहाल बिसरख पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आरोपी थार चालक की तलाश जारी बताई जा रही है। हालाँकि गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हिट एंड रन मामलों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की माँग लगातार उठती रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई ही तय करेगी कि पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।