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क्या कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर विशेषाधिकार का उल्लंघन है?

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क्या कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर विशेषाधिकार का उल्लंघन है?

सारांश

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन है। इस विवाद में सिख गुरुओं के अपमान का मुद्दा भी शामिल है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर का संज्ञान लिया।
आतिशी का वीडियो क्लिप विवाद में शामिल है।
विशेषाधिकार उल्लंघन के आरोप के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पंजाब पुलिस पर आरोप है कि वह केजरीवाल के खिलाफ साजिश कर रही है।
यह मामला दिल्ली की राजनीति में तनाव पैदा कर सकता है।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि विधानसभा ने सदन की कार्यवाही के अनधिकृत वीडियो क्लिप के आधार पर मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर का औपचारिक संज्ञान लिया है।

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी द्वारा कथित तौर पर 'सिख गुरुओं के अपमान' से जुड़े इस वीडियो क्लिप का मुद्दा भाजपा के लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा ने उठाया था।

जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर उस वीडियो क्लिप पर आधारित है जो दिल्ली विधानसभा में आतिशी प्रकरण से संबंधित है। इसे पंजाब पुलिस ने मिश्रा के एक्स हैंडल से डाउनलोड किया और फोरेंसिक जांच के बाद इसे “एडिटेड” घोषित कर मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया।

स्पीकर गुप्ता ने कहा कि वर्मा द्वारा उठाया गया मामला सदन के विशेषाधिकार के उल्लंघन से संबंधित है।

उन्होंने कहा कि जो एफआईआर दर्ज की गई है, वह सदन की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग वाले वीडियो पर आधारित है, जो विधानसभा की संपत्ति है। इस वीडियो के आधार पर कार्रवाई करना और किसी मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना एक गंभीर मामला है। इस संदर्भ में जालंधर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का स्पष्ट मामला बनता है।”

उन्होंने कहा कि सदन के अंदर की गई रिकॉर्डिंग पूरी तरह से सदन की संपत्ति है, किसी और की नहीं। इसलिए, यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यह मामला किस आधार पर दर्ज किया गया है। सदन इस मामले का संज्ञान लेगा और जालंधर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ उचित कार्रवाई पर विचार करेगा, क्योंकि सदन की संपत्ति के साथ अनुचित हस्तक्षेप किया गया है।

चूंकि रिकॉर्डिंग सदन की संपत्ति है, इसलिए इसे “छेड़छाड़” कहना सदन की गरिमा के विरुद्ध है और इस साजिश में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सदन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सदन औपचारिक रूप से पूरे मामले का संज्ञान ले रहा है।

मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर पंजाब पुलिस का दुरुपयोग करके उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया ताकि उन्हें डराया और चुप कराया जा सके।

कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि केजरीवाल जी, आपकी एफआईआर और पुलिस का डर हमें डरा नहीं सकता।

दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो है और सारी दुनिया ने वीडियो सुना है। उस दिन से आतिशी ने विधानसभा में आने की हिम्मत नहीं की, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कई बार बुलाया।

पंजाब पुलिस पंजाब के अपराधों की जांच छोड़कर आपके नेता विपक्ष द्वारा हुए अपराध पर पर्दा डालने का काम कर रहीं है। आतिशी ने गुनाह किया, लेकिन उन्हें बचाकर आप उससे भी बड़ा पाप कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई आवश्यक है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और राजनीतिक दल कैसे इस विवाद को सुलझाते हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर एक अनधिकृत वीडियो क्लिप के आधार पर दर्ज की गई, जिसमें सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप है।
विशेषाधिकार उल्लंघन का क्या मतलब है?
विशेषाधिकार उल्लंघन का मतलब है कि किसी सदन की कार्यवाही या उसकी संपत्ति के साथ अनधिकृत तरीके से हस्तक्षेप करना।
क्या कार्रवाई की जाएगी?
हां, विधानसभा अध्यक्ष ने जालंधर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ उचित कार्रवाई पर विचार करने का संकेत दिया है।
कपिल मिश्रा ने क्या आरोप लगाया?
कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया है।
इस मामले का राजनीतिक प्रभाव क्या होगा?
यह मामला दिल्ली की राजनीति में तनाव बढ़ा सकता है और दोनों पक्षों के बीच विवाद को और अधिक गहरा कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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