करौली में वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा 2026: 11 केंद्रों पर 4,006 अभ्यर्थी, कंट्रोल रूम से होगी सतत निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB), जयपुर द्वारा आयोजित वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा-2026 रविवार, 28 जून 2026 को करौली जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एकल पारी में आयोजित की जाएगी, जिसमें जिले भर से कुल 4,006 अभ्यर्थी भाग लेंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।
परीक्षा की व्यवस्था एवं प्रवेश नियम
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को समय से पूर्व केंद्र पर पहुँचने की सलाह दी गई है। प्रवेश के समय पहचान सत्यापन के साथ-साथ बायोमैट्रिक जाँच भी अनिवार्य होगी। मुख्य प्रवेश द्वारों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पर निरंतर नजर रखी जा सके।
सुरक्षा एवं निगरानी के कड़े इंतजाम
सभी परीक्षा केंद्रों एवं स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो प्रत्येक गतिविधि की लाइव रिकॉर्डिंग करेंगे। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी केवल महिला कार्मिकों द्वारा ही ली जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है तथा पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना
परीक्षा संचालन की पल-पल की निगरानी के लिए जिला कलेक्ट्रेट परिसर के कक्ष संख्या 115 में विशेष जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम रविवार सुबह 9 बजे से परीक्षा समाप्ति और संबंधित सभी कार्य पूर्ण होने तक अनवरत कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष में विभिन्न विभागों के अनुभवी अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो उच्चाधिकारियों के निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करेंगे।
अभ्यर्थियों के लिए सहायता व्यवस्था
जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है। परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा समस्या के लिए अभ्यर्थी सीधे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से दिशा-निर्देशों का पालन करने और समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने की अपील की है। गौरतलब है कि राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर हाल के वर्षों में जागरूकता बढ़ी है, जिसके मद्देनजर इस बार प्रशासन ने तकनीकी निगरानी को विशेष प्राथमिकता दी है।