भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना, 2047 तक शीर्ष पर पहुँचेगा: चलवाडी नारायणस्वामी
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा एमएलसी और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने 15 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत वैश्विक आर्थिक मंच पर अग्रणी स्थान हासिल कर लेगा।
मुख्य घटनाक्रम
नारायणस्वामी ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत को अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए सोना गिरवी रखना पड़ता था, और आज वही देश वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है। उनके अनुसार यह परिवर्तन मोदी सरकार की नीतियों और दूरदर्शिता का प्रत्यक्ष परिणाम है।
विपक्ष पर निशाना
नारायणस्वामी ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री के विरुद्ध एकजुट होने के प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लगाया कि उनके हवाले से दिए गए बयानों ने स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं का अपमान किया है। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि स्वाधीनता आंदोलन के संदर्भ में ऐसी तुलनाएँ कहाँ तक उचित हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को बार-बार निशाना बनाने के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की।
युवा पीढ़ी और भर्ती अनियमितताएँ
नारायणस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'जेन-ज़ी' पीढ़ी को देश का भविष्य बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया है। उनके अनुसार भर्ती और परीक्षा अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर कर्नाटक की राज्य सरकार की ओर से युवाओं को अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है।
कर्नाटक शासन पर टिप्पणी
कर्नाटक के शासन का उल्लेख करते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि भाजपा, जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस — तीनों दलों ने अलग-अलग समय पर राज्य में सत्ता संभाली है। उन्होंने सभी सत्तारूढ़ दलों से आग्रह किया कि वे जन-केंद्रित प्रशासन को प्राथमिकता दें और नागरिकों की चिंताओं को समय पर दूर करें।
स्वतंत्रता संग्राम को श्रद्धांजलि
नारायणस्वामी ने कहा कि भारत की आज़ादी अनगिनत लोगों के त्याग, संघर्ष और शहादत से प्राप्त हुई। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वतंत्रता के 80 वर्षों में देश की यात्रा पर गर्व के साथ विचार करें और आगे की राह के लिए प्रेरणा लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आलोचना लोकतंत्र का अभिन्न अंग है, किंतु राजनीतिक नेताओं को बदनाम करने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है।