29 सितंबर 2026
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अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त: AK-47, AK-56 और 10 किलो हेरोइन सहित तीन गिरफ्तार

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अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त: AK-47, AK-56 और 10 किलो हेरोइन सहित तीन गिरफ्तार

सारांश

अमृतसर में भारत-पाक सीमा से 500 मीटर दूर अमरूद के बाग को ड्रोन-खेप के अड्डे के रूप में इस्तेमाल करने वाले तीन तस्करों को पुलिस ने दबोचा। 10 किलो हेरोइन और दो असॉल्ट राइफलें बरामद — यह मामला सीमापार नेटवर्क की बढ़ती चालाकी की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में 10.030 किलो हेरोइन , एक AK-47 , एक AK-56 , तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
मुख्य आरोपी संदीप सिंह हिस्ट्रीशीटर है; उसके खिलाफ चार पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 500 मीटर दूर अमरूद के बाग को ड्रोन-तस्करी के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया।
घरिंडा पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट की धारा 21, 23, 29 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत FIR दर्ज।
नेटवर्क के विदेशी तस्करों से कनेक्शन की जाँच जारी है।

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को एक बड़े हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 10.030 किलो हेरोइन, एक AK-47 और एक AK-56 असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

कैसे हुई कार्रवाई

बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष खुफिया जानकारी मिलने पर घरिंडा पुलिस स्टेशन की टीमों ने लक्षित अभियान चलाया और तीनों आरोपियों को प्रतिबंधित सामान तथा असॉल्ट हथियारों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने मंगलवार को दी।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में संदीप सिंह (32) और उनकी पत्नी कमलजीत कौर (31) शामिल हैं, जो अमृतसर ग्रामीण के गाँव बरार के निवासी हैं। तीसरे आरोपी बिक्रमजीत सिंह (23), जो कमलजीत के भाई हैं, गाँव गुमानपुरा के निवासी हैं।

DGP यादव के अनुसार, संदीप सिंह एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट से जुड़े चार आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े थे और राज्य में आगे सप्लाई के लिए हथियार और ड्रग्स हासिल कर रहे थे।

अनोखा तरीका: ड्रोन और अमरूद का बाग

IGP भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में एक असाधारण तरीका सामने आया है। आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा की बाड़ से मात्र 500 मीटर की दूरी पर मोधे गाँव में अमरूद के बाग के लिए लगभग एक एकड़ जमीन लीज पर ले रखी थी। कथित तौर पर इस बाग का इस्तेमाल सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए गिराई गई ड्रग्स और हथियारों की खेप को प्राप्त करने और छुपाने के लिए किया जा रहा था।

अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवलप्रीत सिंह चहल के अनुसार, संदीप और कमलजीत कौर मिलकर सीमा पार से तस्करी का संचालन करते थे, जबकि बिक्रमजीत कूरियर की भूमिका निभाते हुए खेप को उठाने, ले जाने और पहुँचाने का काम करता था।

कानूनी कार्रवाई

घरिंडा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 23 और 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। DGP यादव ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान और पूरे सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

आगे की जाँच

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पंजाब पुलिस सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि अमृतसर जिला पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, जो इसे ड्रोन-आधारित तस्करी के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाता है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क की विदेशी कड़ियों का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे नेटवर्क की जड़ें — विदेश में बैठे मास्टरमाइंड तक — कब और कैसे काटी जाएंगी। राज्य में नशे के खिलाफ घोषित 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद इस तरह के मामले बार-बार सामने आते हैं, जो ड्रोन-रोधी तकनीक और सीमा निगरानी की मौजूदा सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में किस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ?
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जो भारत-पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और हेरोइन की तस्करी कर रहा था। इसमें तीन आरोपी गिरफ्तार हुए और 10.030 किलो हेरोइन, AK-47 तथा AK-56 राइफलें बरामद की गईं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
गिरफ्तार आरोपियों में संदीप सिंह (32) और उनकी पत्नी कमलजीत कौर (31) गाँव बरार से, तथा कमलजीत के भाई बिक्रमजीत सिंह (23) गाँव गुमानपुरा से हैं। संदीप और कमलजीत तस्करी के संचालन की ज़िम्मेदारी संभालते थे, जबकि बिक्रमजीत खेप को उठाने और पहुँचाने का काम करता था।
ड्रोन और अमरूद के बाग का तस्करी में क्या संबंध था?
आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा की बाड़ से मात्र 500 मीटर दूर मोधे गाँव में लगभग एक एकड़ जमीन अमरूद के बाग के नाम पर लीज पर ली थी। IGP गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार, इस बाग का उपयोग सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए गिराई गई ड्रग्स और हथियारों को प्राप्त करने और छुपाने के लिए किया जाता था।
इस मामले में कौन-सी धाराओं में FIR दर्ज हुई है?
घरिंडा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 23 और 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत FIR दर्ज की गई है। मामले में आगे की जाँच जारी है और नेटवर्क की विदेशी कड़ियों का पता लगाया जा रहा है।
पंजाब में सीमापार ड्रोन तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर अमृतसर ग्रामीण पुलिस सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष खुफिया-आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं। DGP गौरव यादव के अनुसार, नेटवर्क के सभी आगे-पीछे के कनेक्शन तलाशने के लिए जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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