अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त: AK-47, AK-56 और 10 किलो हेरोइन सहित तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को एक बड़े हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 10.030 किलो हेरोइन, एक AK-47 और एक AK-56 असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
कैसे हुई कार्रवाई
बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष खुफिया जानकारी मिलने पर घरिंडा पुलिस स्टेशन की टीमों ने लक्षित अभियान चलाया और तीनों आरोपियों को प्रतिबंधित सामान तथा असॉल्ट हथियारों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने मंगलवार को दी।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में संदीप सिंह (32) और उनकी पत्नी कमलजीत कौर (31) शामिल हैं, जो अमृतसर ग्रामीण के गाँव बरार के निवासी हैं। तीसरे आरोपी बिक्रमजीत सिंह (23), जो कमलजीत के भाई हैं, गाँव गुमानपुरा के निवासी हैं।
DGP यादव के अनुसार, संदीप सिंह एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट से जुड़े चार आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े थे और राज्य में आगे सप्लाई के लिए हथियार और ड्रग्स हासिल कर रहे थे।
अनोखा तरीका: ड्रोन और अमरूद का बाग
IGP भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में एक असाधारण तरीका सामने आया है। आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा की बाड़ से मात्र 500 मीटर की दूरी पर मोधे गाँव में अमरूद के बाग के लिए लगभग एक एकड़ जमीन लीज पर ले रखी थी। कथित तौर पर इस बाग का इस्तेमाल सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए गिराई गई ड्रग्स और हथियारों की खेप को प्राप्त करने और छुपाने के लिए किया जा रहा था।
अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवलप्रीत सिंह चहल के अनुसार, संदीप और कमलजीत कौर मिलकर सीमा पार से तस्करी का संचालन करते थे, जबकि बिक्रमजीत कूरियर की भूमिका निभाते हुए खेप को उठाने, ले जाने और पहुँचाने का काम करता था।
कानूनी कार्रवाई
घरिंडा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 23 और 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। DGP यादव ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान और पूरे सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
आगे की जाँच
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पंजाब पुलिस सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि अमृतसर जिला पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, जो इसे ड्रोन-आधारित तस्करी के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाता है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क की विदेशी कड़ियों का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।