भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा: चलवाडी नारायणस्वामी का यतींद्र सिद्दारमैया पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने 6 अगस्त 2026 को मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने यतींद्र सिद्दारमैया पर धर्म और जाति के विषय में अज्ञानता का आरोप लगाते हुए उन्हें पहले अध्ययन करने की सलाह दी।
मुख्य बयान और आरोप
नारायणस्वामी ने कहा, 'आज़ादी के बाद जिन लोगों ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया था, उन्होंने भी यह स्वीकार किया था कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व की विचारधारा इस देश में सक्रिय रहेगी और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यतींद्र सिद्दारमैया को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जाति और धर्म पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए और जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसका ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
अहिंदा और वोट बैंक की राजनीति पर निशाना
नारायणस्वामी ने अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों का गठबंधन) के संदर्भ में कहा कि इस मंच पर सबके साथ अन्याय हुआ और न्याय किसी को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब एक बार फिर समाज में प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश हो रही है, जो उनके अनुसार सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सब 'वोट बैंक की राजनीति' से प्रेरित है।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप
विपक्ष के नेता ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेता अब आम लोगों के घर जाकर समर्थन माँग रहे हैं और पद देने के वादे कर रहे हैं। नारायणस्वामी ने कहा, 'कांग्रेस में हमने इस तरह की स्थिति कभी नहीं देखी। भ्रष्टाचार का यह सिलसिला ज़्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है।'
ऑडियो क्लिप विवाद पर प्रतिक्रिया
ऑडियो क्लिप प्रकरण को लेकर नारायणस्वामी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने झूठ बोलने में महारत हासिल कर रखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग गलत करते हैं, वे कभी अपनी गलती स्वीकार नहीं करते।
आगे की राजनीतिक स्थिति
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार विभिन्न विवादों से घिरी हुई है। नारायणस्वामी के इस तीखे हमले से राज्य की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में विधानमंडल के भीतर और बाहर टकराव और तेज़ होने के संकेत हैं।