कर्नाटक भाजपा का आरोप: गारंटी योजनाओं की आड़ में कांग्रेस ने दलितों के साथ किया विश्वासघात
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवादी नारायणस्वामी ने बुधवार, 27 मई को मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के हर मोर्चे पर विफल रही है और पाँच गारंटी योजनाओं की आड़ में दलित समुदाय के साथ विश्वासघात किया गया है। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि सरकार अपना पाँच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी।
गारंटी योजनाओं पर सवाल
नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया सरकार ने विकास कार्यों में 'शून्य' योगदान दिया है और केवल पाँच गारंटी योजनाओं के सहारे राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "गारंटी योजनाओं के जरिए कांग्रेस ने दलितों के साथ विश्वासघात किया है।" उनके अनुसार, सरकार ने तीन साल के भीतर ही अपनी साख खो दी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गारंटी योजनाओं का लाभ वास्तव में लाभार्थियों तक नहीं पहुँचा। उन्होंने कहा, "विधानसभा में मंत्रियों ने दावा किया था कि पैसा लोगों के खातों में भेज दिया गया, लेकिन दस्तावेज सामने आने के बाद वे असहज हो गए।"
अन्न भाग्य योजना पर विवाद
भाजपा नेता ने अन्न भाग्य योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रहे थे, जबकि कांग्रेस ने चुनाव से पहले 10 किलो अनाज देने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया, "बाद में कुछ लाभार्थियों को ₹170 नकद देने लगे और अब इंदिरा किट योजना का हवाला देकर इसे सही ठहराने की कोशिश की जा रही है।"
एससीएसपी और टीएसपी निधि का दुरुपयोग
नारायणस्वामी ने अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) और जनजातीय उप-योजना (TSP) के तहत आवंटित धनराशि के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि SCSP और TSP के तहत ₹42,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसका लगभग 50 प्रतिशत विभागीय कार्यों में चला गया और बाकी गारंटी योजनाओं में मोड़ दिया गया। यह दलितों के साथ विश्वासघात है।" गौरतलब है कि यह राशि संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण के लिए निर्धारित होती है।
छात्रावासों में भोजन की कमी का आरोप
भाजपा नेता ने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के छात्रावासों में भोजन की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, "छात्रावासों में रहने वाले दलित छात्रों का खाना तक कम कर दिया गया है।" समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने केवल निरीक्षण का आश्वासन दिया, तत्काल सुधार का नहीं।
मंत्रियों के रवैये पर निशाना
नारायणस्वामी ने खाद्य मंत्री के.एच. मुनियप्पा पर भी हमला बोला। उनका आरोप था कि राशन वितरण पर सवाल पूछने पर मंत्री पत्रकारों को डांटते हैं। उन्होंने कहा, "समझ नहीं आता कि लोग इस सरकार और इसके मंत्रियों के अहंकार को कैसे सहन कर रहे हैं।" उन्होंने आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर भी मंत्री पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में दलित राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपना रहा है।