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कर्नाटक भाजपा का आरोप: गारंटी योजनाओं की आड़ में कांग्रेस ने दलितों के साथ किया विश्वासघात

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कर्नाटक भाजपा का आरोप: गारंटी योजनाओं की आड़ में कांग्रेस ने दलितों के साथ किया विश्वासघात

सारांश

कर्नाटक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवादी नारायणस्वामी ने सिद्दारमैया सरकार पर ₹42,000 करोड़ के SCSP-TSP फंड के दुरुपयोग और दलित छात्रावासों में भोजन कटौती का आरोप लगाया — और कहा कि पाँच गारंटी योजनाएँ असल में दलितों के साथ विश्वासघात हैं।

मुख्य बातें

चलवादी नारायणस्वामी ने 27 मई को मैसूरु में कांग्रेस सरकार पर दलितों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया।
उनका दावा है कि ₹42,000 करोड़ के SCSP-TSP फंड का लगभग 50 प्रतिशत विभागीय कार्यों और गारंटी योजनाओं में मोड़ा गया।
अन्न भाग्य योजना में 10 किलो अनाज के वादे की जगह कुछ लाभार्थियों को ₹170 नकद दिए जाने का आरोप।
दलित और जनजाति छात्रों के छात्रावासों में भोजन आपूर्ति अपर्याप्त होने की मीडिया रिपोर्टों का हवाला।
मुनियप्पा पर पत्रकारों को डांटने और समाज कल्याण मंत्री एच.सी.
महादेवप्पा पर तत्काल सुधार न देने का आरोप।

कर्नाटक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवादी नारायणस्वामी ने बुधवार, 27 मई को मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के हर मोर्चे पर विफल रही है और पाँच गारंटी योजनाओं की आड़ में दलित समुदाय के साथ विश्वासघात किया गया है। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि सरकार अपना पाँच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी।

गारंटी योजनाओं पर सवाल

नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया सरकार ने विकास कार्यों में 'शून्य' योगदान दिया है और केवल पाँच गारंटी योजनाओं के सहारे राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "गारंटी योजनाओं के जरिए कांग्रेस ने दलितों के साथ विश्वासघात किया है।" उनके अनुसार, सरकार ने तीन साल के भीतर ही अपनी साख खो दी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गारंटी योजनाओं का लाभ वास्तव में लाभार्थियों तक नहीं पहुँचा। उन्होंने कहा, "विधानसभा में मंत्रियों ने दावा किया था कि पैसा लोगों के खातों में भेज दिया गया, लेकिन दस्तावेज सामने आने के बाद वे असहज हो गए।"

अन्न भाग्य योजना पर विवाद

भाजपा नेता ने अन्न भाग्य योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रहे थे, जबकि कांग्रेस ने चुनाव से पहले 10 किलो अनाज देने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया, "बाद में कुछ लाभार्थियों को ₹170 नकद देने लगे और अब इंदिरा किट योजना का हवाला देकर इसे सही ठहराने की कोशिश की जा रही है।"

एससीएसपी और टीएसपी निधि का दुरुपयोग

नारायणस्वामी ने अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) और जनजातीय उप-योजना (TSP) के तहत आवंटित धनराशि के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि SCSP और TSP के तहत ₹42,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसका लगभग 50 प्रतिशत विभागीय कार्यों में चला गया और बाकी गारंटी योजनाओं में मोड़ दिया गया। यह दलितों के साथ विश्वासघात है।" गौरतलब है कि यह राशि संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण के लिए निर्धारित होती है।

छात्रावासों में भोजन की कमी का आरोप

भाजपा नेता ने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के छात्रावासों में भोजन की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, "छात्रावासों में रहने वाले दलित छात्रों का खाना तक कम कर दिया गया है।" समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने केवल निरीक्षण का आश्वासन दिया, तत्काल सुधार का नहीं।

मंत्रियों के रवैये पर निशाना

नारायणस्वामी ने खाद्य मंत्री के.एच. मुनियप्पा पर भी हमला बोला। उनका आरोप था कि राशन वितरण पर सवाल पूछने पर मंत्री पत्रकारों को डांटते हैं। उन्होंने कहा, "समझ नहीं आता कि लोग इस सरकार और इसके मंत्रियों के अहंकार को कैसे सहन कर रहे हैं।" उन्होंने आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर भी मंत्री पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में दलित राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन SCSP-TSP फंड के उपयोग पर उठाए गए सवाल नीतिगत जवाबदेही की माँग करते हैं — यह निधि संवैधानिक रूप से संरक्षित है और इसका विपथन गंभीर चिंता का विषय है। कर्नाटक में कांग्रेस की गारंटी योजनाएँ 2023 के चुनाव में जीत का मुख्य आधार थीं, लेकिन क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर सवाल पहली बार नहीं उठे हैं। दलित छात्रावासों में भोजन कटौती की रिपोर्टें — यदि सत्यापित हों — तो यह केवल विपक्षी आरोप नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का संकेत है। सरकार के लिए ज़रूरी है कि वह आँकड़ों के साथ जवाब दे, न कि मीडिया को डांट कर।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चलवादी नारायणस्वामी ने कांग्रेस पर दलित विश्वासघात का आरोप क्यों लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि ₹42,000 करोड़ के SCSP-TSP फंड का लगभग 50 प्रतिशत विभागीय कार्यों और गारंटी योजनाओं में मोड़ा गया, जो संवैधानिक रूप से दलित और जनजाति कल्याण के लिए निर्धारित था। इसके अलावा दलित छात्रावासों में भोजन कटौती और अन्न भाग्य योजना में वादे से कम लाभ देने के आरोप भी शामिल हैं।
अन्न भाग्य योजना विवाद क्या है?
कांग्रेस ने चुनाव से पहले प्रति लाभार्थी 10 किलो मुफ्त अनाज देने का वादा किया था, जबकि केंद्र सरकार पहले से 5 किलो दे रही थी। भाजपा का आरोप है कि बाद में कुछ लाभार्थियों को 10 किलो अनाज की जगह ₹170 नकद दिए गए और इंदिरा किट योजना का हवाला देकर इसे उचित ठहराया गया।
SCSP और TSP फंड क्या होते हैं और इनका दुरुपयोग क्यों गंभीर है?
अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) और जनजातीय उप-योजना (TSP) संवैधानिक रूप से SC और ST समुदायों के विकास के लिए आरक्षित निधियाँ हैं। नारायणस्वामी के अनुसार ₹42,000 करोड़ में से लगभग आधा विभागीय कार्यों में गया और शेष गारंटी योजनाओं में, जो इन समुदायों के साथ अन्याय है।
दलित छात्रावासों में भोजन कटौती के आरोप कितने गंभीर हैं?
नारायणस्वामी ने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के सरकारी छात्रावासों में भोजन आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा ने केवल निरीक्षण का आश्वासन दिया, तत्काल सुधार का नहीं।
क्या सिद्दारमैया सरकार का कार्यकाल वाकई खतरे में है?
यह भाजपा का राजनीतिक दावा है — नारायणस्वामी ने कहा कि सरकार तीन साल में ही समाप्त हो सकती है। हालाँकि कांग्रेस के पास विधानसभा में बहुमत है और सरकार को तत्काल संकट का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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