21 जुलाई 2026
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कर्नाटक कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में नए बदलाव, डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार का इस्तीफा स्वीकार किया

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कर्नाटक कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में नए बदलाव, डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार का इस्तीफा स्वीकार किया

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए अल्पसंख्यक विभाग की समिति को भंग करने का निर्णय लिया है। नए बदलावों की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। क्या ये बदलाव कांग्रेस के भीतर के हालात को सुधारेंगे?

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार का इस्तीफा स्वीकार किया।
अल्पसंख्यक विभाग की समिति को भंग किया गया।
जल्द ही नई समिति का गठन किया जाएगा।
अब्दुल जब्बार ने पार्टी में गहरी नाराजगी की बात की।
शिवकुमार के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।

बेंगलुरु, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार का कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस्तीफे को स्वीकार करते हुए शिवकुमार ने यह भी बताया कि अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में बनी अल्पसंख्यक विंग की पूरी समिति को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई समिति का गठन किया जाएगा।

अब्दुल जब्बार ने अपने इस्तीफे में यह बताया कि 2026 के उपचुनावों में दावणगेरे और पूरे कर्नाटक में घटित राजनीतिक घटनाओं से वे बेहद निराश हैं। उनका आरोप है कि राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय में गहरी नाराजगी उत्पन्न हुई है।

उन्होंने विशेष रूप से जमीर अहमद खान के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार का जिक्र किया। जब्बार के अनुसार, "एक स्टार प्रचारक होने के बावजूद उन्हें मीडिया में दावणगेरे उपचुनाव प्रचार से दूर रहने के लिए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।"

अपने पत्र में जब्बार ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक विभाग को दावणगेरे उपचुनाव के दौरान नजरअंदाज किया गया। उनके अनुसार, "पार्टी नेतृत्व ने विभाग से कोई संवाद या सुझाव नहीं लिया, जबकि कांग्रेस हमेशा समावेशी रणनीति के लिए जानी जाती रही है।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को किनारे करने और अल्पसंख्यकों के बीच एक 'सिंडिकेट' बनाने की कोशिश हो रही है, जो पार्टी के भविष्य के लिए उचित नहीं है।

अब्दुल जब्बार ने अपने लगभग 45 वर्षों के कांग्रेस कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद के चुनावों में भी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक मतदाता और पदाधिकारी कांग्रेस पार्टी की रीढ़ हैं और उन्हें बेहतर सम्मान मिलना चाहिए।

वहीं, शिवकुमार के अनुसार, "अल्पसंख्यक विंग की नई समिति का गठन जल्द किया जाएगा।" हालांकि, जब्बार के इस्तीफे और उनके आरोपों ने राज्य कांग्रेस के अंदरूनी हालातों पर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग का गठन कब होगा?
डीके शिवकुमार ने कहा कि जल्द ही एक नई समिति का गठन किया जाएगा।
अब्दुल जब्बार ने इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने दावणगेरे उपचुनावों में पार्टी के व्यवहार से नाराजगी जताई है।
क्या अल्पसंख्यक समुदाय में नाराजगी है?
हाँ, अब्दुल जब्बार ने इस बात का उल्लेख किया है कि अल्पसंख्यक समुदाय में गहरी नाराजगी है।
अब्दुल जब्बार का कांग्रेस में कार्यकाल कितना लंबा है?
उनका कांग्रेस में लगभग 45 वर्ष का कार्यकाल है।
शिवकुमार ने जब्बार के इस्तीफे पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि नई समिति का गठन जल्द ही किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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