कर्नाटक में 78 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्रा ने आत्महत्या की, परिवार में शोक

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कर्नाटक में 78 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्रा ने आत्महत्या की, परिवार में शोक

सारांश

कर्नाटक के हुबली में 12वीं कक्षा की छात्रा श्रावणी ने आत्महत्या कर ली। 78 प्रतिशत अंक लाने के बावजूद वह अपने प्रदर्शन से निराश थी। यह घटना उसके परिवार और समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है।

Key Takeaways

  • मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है
  • परीक्षा परिणामों का दबाव छात्रों पर पड़ता है
  • परिवार और समाज को समर्थन देना चाहिए

हुबली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के हुबली में एक दुखद घटना में कक्षा 12 की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, जबकि उसने प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी, उसकी परीक्षा में प्रदर्शन उसे बहुत परेशान कर रहा था। मृतक की पहचान 18 वर्षीय श्रावणी मारुति काले के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि श्रावणी कनकदासा कॉलेज में वाणिज्य की छात्रा थी। वह पढ़ाई में अत्यंत अच्छी थी और आत्मविश्वास के साथ बोर्ड परीक्षा में बैठी थी। उसने अपने दोस्तों से कहा था कि वह 100 प्रतिशत अंक लाएगी, लेकिन उसने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

इसके बाद वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गई और उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने उसके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। शव को केआईएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया गया है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह पढ़ाई में लगनशील और सक्रिय छात्रा थी और अच्छे नतीजों की उम्मीद रखती थी। जब उसे मनचाहे अंक नहीं मिले, तो उसने यह दुखद कदम उठाया।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि श्रावणी मिलनसार थी और अक्सर अपने दोस्तों से मिलती थी। उसने कथित तौर पर उन्हें बताया था कि वह 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करेगी। आगे की जांच जारी है।

कर्नाटक स्कूल परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड (केएसईएबी) ने गुरुवार को कर्नाटक द्वितीय पीयूसी (कक्षा 12) बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित किए। इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 88.48 रहा, जिसमें से 5,46,698 छात्र उत्तीर्ण हुए। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.70 रहा, जबकि लड़कों का 83.65 रहा।

परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 2025 के 73.45 प्रतिशत से बढ़कर 86.48 प्रतिशत हो गया है, जिसका मुख्य कारण न्यूनतम उत्तीर्ण अंक को घटाकर 33 प्रतिशत करना है।

इससे पहले, गुरुवार को परिणाम घोषित होने के कुछ घंटों बाद, बेंगलुरु के हेब्बल में द्वितीय पीयूसी की 17 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान तनुश्री के रूप में हुई है, जो शहर के एक निजी कॉलेज में विज्ञान की छात्रा थी।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तनुश्री तीन विषयों में अनुत्तीर्ण हो गई थी और वह परेशान थी। उसने अपने कुछ दोस्तों को परिणाम पर चर्चा करने के लिए बुलाया था।

Point of View

तो यह तनाव का कारण बन सकता है। हमें इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों आत्महत्या की छात्रा ने?
वह अपने परीक्षा परिणाम से बहुत परेशान थी, जबकि उसने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
क्या स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है?
बहुत से स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा होती है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है।
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