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क्या कर्नाटक के विधायक अरविंद बेलाड ने सिद्धारमैया सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया?

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क्या कर्नाटक के विधायक अरविंद बेलाड ने सिद्धारमैया सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया?

सारांश

कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जहां भाजपा विधायक अरविंद बेलाड ने सिद्धारमैया सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उनके आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।

मुख्य बातें

अरविंद बेलाड का आरोप सिद्धारमैया सरकार पर है।
किसी विशेष धर्म के प्रति झुकाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरकारी कार्यक्रमों में पार्टी प्रचार की गैरकानूनीता पर सवाल उठाए गए।
बेलाड ने सद्बुद्धि के लिए अनुष्ठान किया।
स्थानीय विधायक को आमंत्रित न करना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

धारवाड़, १० अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के धारवाड़ में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अरविंद बेलाड ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस सरकार पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया।

भाजपा विधायक अरविंद बेलाड ने एक सरकारी कार्यक्रम में कुरान पाठ और कांग्रेस पार्टी के प्रचार को लेकर सवाल उठाए। बेलाड ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सरकार को सभी धर्मों और लोगों के साथ निष्पक्षता बरतनी चाहिए। किसी विशेष धर्म के प्रति झुकाव स्वीकार्य नहीं है।

बेलाड ने सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि सिद्धारूढ़ मठ जैसे पवित्र स्थल पर, जो सनातन धर्म के अद्वैत दर्शन और समानता की शिक्षा देता है, सरकारी कार्यक्रम में कुरान की आयतें पढ़ना गलत संदेश देता है। यह मठ सभी के साथ समान व्यवहार की परंपरा के लिए जाना जाता है और डॉ. राजकुमार जैसी हस्तियां इसके भक्त रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि संतोष लाड की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस ने अपने बैनर लगाए और इसे पार्टी आयोजन की तरह पेश किया, जबकि यह एक सरकारी समारोह था।

बेलाड ने सवाल उठाया, "अगर यह पार्टी का कार्यक्रम था, तो जिला पंचायत के सीईओ, नगर आयुक्त और सैकड़ों सरकारी अधिकारियों को क्यों बुलाया गया? सोनिया गांधी और कांग्रेस के चुनाव चिह्न की तस्वीरें प्रदर्शित करना कहां तक उचित है?" उन्होंने इसे कांग्रेस की भ्रष्ट और पक्षपाती मानसिकता का सबूत बताया, जो एक विशेष धर्म की ओर झुकी हुई है।

बेलाड ने बताया कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने डीसी कार्यालय के सामने रुद्र पारायण, वचन गोष्ठी और होम-हवन जैसे वैदिक अनुष्ठान किए, जिनका उद्देश्य कांग्रेस नेताओं को सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करना था। उन्होंने कहा, "हमने ईश्वर से प्रार्थना की कि कांग्रेस नेताओं को अच्छे विचार मिलें।"

बेलाड ने यह भी बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। स्थानीय विधायक को सरकारी समारोह में बुलाना चाहिए था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब एक विधायक इस तरह से सीधे आरोप लगाता है, तो यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं रह जाता। यह एक सामाजिक मुद्दा बन जाता है, जो सभी धर्मों के प्रति निष्पक्षता की आवश्यकता को उजागर करता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद बेलाड ने क्या आरोप लगाया?
अरविंद बेलाड ने सिद्धारमैया और कांग्रेस सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया है, विशेषकर धार्मिक कार्यक्रमों के संदर्भ में।
सिद्धारमैया सरकार का क्या कहना है?
इस मामले पर सिद्धारमैया सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या यह मामला कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद बनेगा?
हां, यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा विवाद बन सकता है, क्योंकि यह धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को छूता है।
राष्ट्र प्रेस
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