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क्या के. अन्नामलाई ने करूर भगदड़ की सीबीआई जांच की मांग की?

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क्या के. अन्नामलाई ने करूर भगदड़ की सीबीआई जांच की मांग की?

सारांश

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने करूर रैली में हुई भगदड़ की सीबीआई जांच की मांग की है। 40 लोगों की मौत के बाद, उन्होंने राज्य पुलिस की विफलता पर सवाल उठाए। जानिए इस घटना के पीछे की सच्चाई क्या है।

मुख्य बातें

अन्नामलाई ने सीबीआई जांच की मांग की।
भगदड़ में 40 लोगों की मृत्यु हुई।
राज्य पुलिस की विफलता पर सवाल उठाए गए।
पीड़ितों को मुआवजा देने का आश्वासन।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता।

चेन्नई, 28 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने रविवार को करूर में हुई भगदड़ की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की। इस घटना में 40 निर्दोष लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

उन्होंने राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर गलती का आरोप लगाया।

प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए के. अन्नामलाई ने कहा कि सही योजना और सुरक्षा तैनाती से इस प्रकार की त्रासदी को रोका जा सकता था।

उन्होंने कहा, "यह (टीवीके प्रमुख) विजय की गलती नहीं है। भीड़ का अनुमान लगाना और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करना राज्य पुलिस और खुफिया विभाग की जिम्मेदारी है। सात घंटे के कार्यक्रम की अनुमति क्यों दी गई? दो घंटे ही काफी होते। राज्य सरकार को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग की जांच कराने की आवश्यकता है। यह उचित नहीं है।"

के. अन्नामलाई ने कहा कि यह स्थान बड़ी सभाओं के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इसकी क्षमता सीमित है और निकासी मार्ग भी संकीर्ण है।

उन्होंने कहा, "यह स्थान 5,000 लोगों को भी नहीं संभाल सकता। राज्य पुलिस का दावा है कि 500 जवान तैनात किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर 100 से भी कम जवान मौजूद थे। स्थानीय प्रशासन बुरी तरह विफल रहा। राज्य सरकार को इस विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"

करूर भाजपा इकाई की ओर से के. अन्नामलाई ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की।

उन्होंने अभिनेता से राजनेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) से भविष्य की सार्वजनिक बैठकों के आयोजन में अधिक जिम्मेदारी का आग्रह किया।

खराब सुरक्षा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) एस. डेविडसन देवसिरवथम ने कहा कि यह त्रासदी खुफिया विफलता के कारण नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं के कारण टीवीके के प्रारंभिक स्थल प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था और अंततः उस स्थल को मंजूरी दी, क्योंकि वहां पहले भी 15,000 लोगों की उपस्थिति वाले कार्यक्रम शांतिपूर्वक आयोजित किए जा चुके थे।

एडीजीपी ने संवाददाताओं से कहा, "वहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें और सुरक्षा व्यवस्था थी। भीड़ प्रबंधन के कुछ नियमों का उल्लंघन किया गया और मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच से जिम्मेदारी का पता चलेगा।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करूर भगदड़ में कितने लोग मारे गए?
इस भगदड़ में 40 लोग मारे गए ।
के. अन्नामलाई ने कौन सी जांच की मांग की है?
के. अन्नामलाई ने सीबीआई जांच की मांग की है।
भगदड़ के समय राज्य पुलिस की भूमिका क्या थी?
राज्य पुलिस पर गंभीर विफलता का आरोप लगाया गया है।
क्या पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा?
के. अन्नामलाई ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
भगदड़ के कारण क्या थे?
अनुचित सुरक्षा तैनाती और भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण भगदड़ हुई।
राष्ट्र प्रेस
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