क्या करूर भगदड़ मामले में सीबीआई अभिनेता विजय से पूछताछ करेगी?
सारांश
Key Takeaways
- करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई।
- सीबीआई ने जांच को तेज किया है।
- विजय से दोबारा पूछताछ की जाएगी।
- इस घटना ने सुरक्षा उपायों पर प्रश्न उठाए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच चल रही है।
चेन्नई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। करूर भगदड़ मामले की जांच के संबंध में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के नेता विजय को सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पुनः पेश होने के लिए बुलाया गया है।
सीबीआई ने पिछले वर्ष 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में विजय की राजनीतिक कैम्पेन रैली के दौरान हुई दुःखद भगदड़ की जांच को तीव्र कर दिया है।
इस घटना में भारी भीड़ में फंसने के कारण 41 लोगों की जान गई थी, जिससे पूरे देश में सदमे की लहर दौड़ गई थी और भीड़ प्रबंधन तथा प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर प्रश्न उठे थे।
इस जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली एक सुपरवाइजरी कमेटी कर रही है।
इससे पहले पिछले सप्ताह, 12 जनवरी को अभिनेता से सीबीआई ने लगातार 6 घंटे तक पूछताछ की थी। अब दोबारा पूछताछ के लिए अभिनेता को 19 जनवरी को बुलाया गया है।
इस निगरानी के तहत, सीबीआई ने अपनी जांच को तेज किया है, जिसमें जिम्मेदारी, योजना में खामियों और उस घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जिससे यह जानलेवा हादसा हुआ।
जांच के हिस्से के तौर पर, सीबीआई ने पिछले महीने टीवीके के वरिष्ठ सीनियर पदाधिकारियों से पूछताछ की थी, जिनमें पार्टी के महासचिव बुस्सी आनंद, इलेक्शन मैनेजमेंट डिवीजन के जनरल सेक्रेटरी आधव अर्जुन, जॉइंट जनरल सेक्रेटरी निर्मल कुमार और करूर ज़िला सेक्रेटरी मथियाजगन शामिल हैं।
एजेंसी ने उनके बयान रिकॉर्ड किए ताकि यह पता चल सके कि इवेंट किसने ऑर्गनाइज़ किया था, तैयारियाँ कैसे की गईं और क्या सुरक्षा के ज़रूरी इंतज़ाम किए गए थे।
विजय से पूछताछ मामला 27 सितंबर, 2025 को करूर में आयोजित एक राजनीतिक अभियान से संबंधित है, जब विजय टीवीके पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। इस घटना में अभिनेता तय समय से देरी से पहुंचे थे, जिसके कारण सभा स्थल पर भीड़ बढ़ने के कारण भगदड़ मच गई थी।
इस भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए थे। अभिनेता ने घटना पर दुख प्रकट करते हुए मृतक के परिवारों को 20 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी थी और कुछ परिवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की थी।