<b>काठमांडू में पूर्व पीएम देउबा और पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट का आदेश</b>
सारांश
Key Takeaways
- पूर्व पीएम देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है।
- यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।
- इंटरपोल के माध्यम से गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
- देउबा दंपति विदेश में हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- नेपाल की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण घटना है।
काठमांडू, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। काठमांडू की जिला अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह मामला पैसे के अवैध लेन‑देन की जांच से संबंधित बताया जा रहा है।
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को न्यायाधीश महेंद्र खड़का की बेंच ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग की मांग पर यह वारंट जारी किया।
जांच विभाग देउबा और उनकी पत्नी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्रियों केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है।
पिछले वर्ष सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान देउबा, प्रचंड की बेटी और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का के आवासों से जले हुए कैश के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल गई थीं। जांच के लिए पुलिस ने खड़का को हिरासत में लिया था।
प्रदर्शनकारियों ने उनके घरों में आग लगा दी थी। फोरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि करेंसी नोटों के टुकड़े असली थे, जिससे जांच की प्रक्रिया तेज हो गई, क्योंकि कुछ तस्वीरों के बारे में शक था कि वे शायद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके बनाई गई हों।
हालांकि, देउबा और उनकी पत्नी वर्तमान में देश से बाहर हैं। वे 26 फरवरी को इलाज के लिए सिंगापुर गए थे और अब तक घर नहीं लौटे हैं, खबर है कि वे हांगकांग में हैं।
सूत्रों का कहना है कि देउबा दंपति के खिलाफ यह गिरफ्तारी वारंट इसलिए जारी किया गया है ताकि इंटरपोल रेड नोटिस के लिए प्रक्रिया की शुरुआत की जा सके। यदि रेड नोटिस जारी होता है, तो उन्हें विदेश में ही रोका जा सकता है और नेपाल वापस लाने में मदद मिलेगी।
शेर बहादुर देउबा पांच बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और 1991 से नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे लगातार अपने गृह जिले डाडेलधुरा से चुनाव जीतते आए हैं। हाल ही में, उन्होंने 5 मार्च को हुए चुनाव में भाग नहीं लिया।