क्या कटिहार में कारोबारी राजेश चौधरी के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा?

सारांश
Key Takeaways
- कटिहार में आयकर विभाग की छापेमारी ने व्यापार जगत में हड़कंप मचाया।
- राजेश चौधरी को कटिहार का सबसे बड़ा मक्का व्यापारी माना जाता है।
- आयकर विभाग का उद्देश्य कर चोरी की संभावनाओं की जांच करना है।
- स्थानीय लोगों की बड़ी भीड़ छापेमारी के दौरान जमा हुई।
- आधिकारिक बयान का इंतज़ार किया जा रहा है।
कटिहार, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के कटिहार जिले से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। सेमापुर थाना क्षेत्र में, आयकर विभाग ने शुक्रवार सुबह प्रसिद्ध मक्का व्यापारी राजेश चौधरी के आवास और उनके गोदामों सहित अनेक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में फैले उनके विभिन्न ठिकानों पर एक ही समय में की गई, जिससे कारोबारी वर्ग में हड़कंप मच गया।
सुबह-सुबह की गई इस कार्रवाई में आयकर विभाग की टीमें भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ राजेश चौधरी के सेमापुर स्थित आवास पर पहुंचीं। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्ति से संबंधित कागजात की गहन जांच कर रही हैं।
इस अचानक हुई छापेमारी के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग राजेश चौधरी के आवास के बाहर एकत्रित हो गए। राजेश चौधरी को कटिहार जिले का सबसे बड़ा मक्का व्यापारी माना जाता है। व्यापार जगत में उनकी अच्छी पकड़ और प्रभावशाली छवि रही है, यही कारण है कि इस कार्रवाई को लेकर कारोबारी वर्ग में भी खलबली मच गई।
छापेमारी को लेकर आयकर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, छापेमारी की कार्रवाई जारी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच में अधिकारी जुटे हुए हैं।