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क्या आज कट्टरपंथी सोच और देश तोड़ने वालों के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है: नसीरुद्दीन चिश्ती?

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क्या आज कट्टरपंथी सोच और देश तोड़ने वालों के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है: नसीरुद्दीन चिश्ती?

सारांश

क्या हम कट्टरपंथी सोच और देश तोड़ने वालों के खिलाफ एकजुट हो सकते हैं? सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से अपील की है कि वे एकजुट होकर इस लड़ाई में आगे आएं। जानिए उनके विचार और अभियान का उद्देश्य।

मुख्य बातें

सभी धर्मों के नेताओं की एकता आवश्यक है।
कट्टरपंथी सोच के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
नफरत फैलाने वालों से लड़ना होगा।
सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना चाहिए।
धर्म के नाम पर लड़ाई गलत है।

दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से अपील की है कि उन्हें कट्टरपंथी सोच, धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों और देश तोड़ने की बात करने वालों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि पिछले 10-15 वर्षों से हम ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के माध्यम से काम कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के निजामुद्दीन वेस्ट में अपना मुख्यालय खोला है, जिसका उद्घाटन आज किया गया। इसके साथ ही हमने लोगों को जोड़ने के लिए 'मेरा मुल्क, मेरी पहचान' नामक एक अभियान शुरू किया है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य यह बताना है कि हमारे देश में भले ही धर्म सभी के अलग-अलग हैं, लेकिन हम सभ्यता और संस्कृति के एक हैं। हमारा देश ही हमारी पहचान होनी चाहिए। जब हम दुनिया में कहीं जाते हैं, तो हमें हिंदुस्तानी कहा जाता है।

सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि 'मोहब्बत सबसे, नफरत किसी से नहीं' का संदेश लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। पूरे भारत में सभी धर्मों के लोग दरगाहों पर जाते हैं। जो लोग संकीर्ण विचारधारा और कट्टरपंथी सोच रखते हैं, उनके मुकाबले में दरगाहें खड़ी हुई हैं और हम लोग भी खड़े हुए हैं।

ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के सदस्यों ने रविवार को कार्यालय के उद्घाटन से पहले एनएसए अजीत डोभाल से उनके घर पर मुलाकात की और उनके साथ लगभग डेढ़ घंटा बिताया। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने बताया कि वहां पर चर्चा हुई कि सूफियों की भूमिका को पुनः सक्रिय करने की आवश्यकता है। यह चर्चा हुई कि सूफियों को इस देश की एकता और सलामती के लिए कैसे आगे बढ़ना चाहिए और देश को तोड़ने वालों के खिलाफ कैसे लड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर धर्म के सभी धार्मिक नेताओं की भूमिका बहुत आवश्यक है। हमें मीडिया के सामने सोच-समझकर और संयम से बोलना चाहिए। हमें हमेशा यह नहीं पता होता कि हमारे शब्दों का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि युवा गुमराह न हों, सभी धर्मों के धार्मिक नेताओं को एक साथ आना चाहिए।

सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने यह भी कहा कि हम धर्म के नाम पर लड़ रहे हैं, यह गलत है। देश की आजादी में सभी धर्मों के लोग मिलकर लड़े, तभी हमने अंग्रेजों को भगाया। आज भी धर्म के आधार पर नफरत फैलाने वालों और देश तोड़ने की बात करने वालों से लड़ने के लिए सभी धर्मगुरुओं को एक साथ बैठना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सभी धर्मों के नेताओं को एकजुट होकर कट्टरपंथी विचारधाराओं का सामना करने की आवश्यकता है। यह समय है जब हम एक साथ मिलकर नफरत का सामना करें और अपने देश की एकता को बनाए रखें।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती कौन हैं?
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष हैं।
क्या अभियान शुरू हुआ है?
बिल्कुल! ' मेरा मुल्क, मेरी पहचान ' नामक अभियान शुरू किया गया है।
किस बात की अपील की गई है?
कट्टरपंथी सोच और धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई है।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सभी धर्मों के बीच एकता और समरसता को बढ़ावा देना है।
क्या यह अभियान सफल हो सकता है?
यदि सभी धर्मगुरु एकजुट होकर प्रयास करें, तो यह अभियान निश्चित रूप से सफल हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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