क्या '10 मिनट डिलीवरी' पर केंद्र सरकार का निर्णय गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए सहायक होगा?
सारांश
Key Takeaways
- 10 मिनट डिलीवरी के दावे को समाप्त करने का निर्णय।
- गिग वर्कर्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान।
- केंद्र सरकार का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने गिग वर्कर्स को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए 10 मिनट डिलीवरी के दावे पर कठोर निर्णय लिया है। सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफार्मों को समय की बाध्यता को समाप्त करने की सलाह दी है। राज्यसभा सदस्य और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने मंगलवार को केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश में कहा, "आज गिग वर्कर्स के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह उनके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियाँ 10 मिनट की डिलीवरी की ब्रांडिंग को समाप्त करने जा रही हैं। यह सभी की एकजुटता और सहयोग के कारण संभव हुआ है।"
आप सांसद ने कहा, "लोगों की आवाज़ इन कंपनियों के प्रबंधन तक नहीं पहुंची। शायद उन्होंने इसे अनसुना किया, लेकिन यह आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंची और उस पर कार्रवाई हुई। मैं केंद्र सरकार को इस हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद देता हूं।"
उन्होंने कहा, "जब डिलीवरी ड्राइवर की यूनिफॉर्म पर 10 मिनट का समय लिखा हो, तो यह वादा खतरनाक हो जाता है। इससे डिलीवरी राइडर पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है, और वे खतरनाक ढंग से ड्राइविंग करते हैं।"
राघव चड्ढा ने कहा, "पिछले कई महीनों में मैंने कई डिलीवरी बॉय से मुलाकात की है। उनमें से अधिकांश लोग कम वेतन और अधिक कार्य से परेशान थे। इस मुहिम का उद्देश्य किसी कंपनी को नुकसान पहुँचाना नहीं, बल्कि गिग वर्कर्स और डिलीवरी बॉय की जिंदगी को बेहतर बनाना है।"
उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा, "यह निर्णय गिग वर्कर्स की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनके सम्मान और कार्यशैली को भी बेहतर बनाएगा। मैं सभी गिग वर्कर्स को बताना चाहता हूं कि वे इस मुहिम में अकेले नहीं हैं। हम सभी उनके साथ हैं।"