क्या केरल में कांग्रेस नेता शनिमोल उस्मान ने दल-बदल की अफवाहों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की?
सारांश
Key Takeaways
- शानिमोल उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
- सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैलाने का आरोप है।
- उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है।
- विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जिससे राजनीतिक स्थिति जटिल हो गई है।
- कांग्रेस में उनकी स्थिति मजबूत बनी रहेगी।
अलाप्पुझा, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक शनिमोल उस्मान ने गुरुवार को केरल पुलिस में एक सोशल मीडिया समूह के प्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस समूह पर आरोप है कि उसने उनके सीपीआई-एम में शामिल होने की झूठी और मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की है।
शिकायत दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उस्मान ने इन खबरों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
उन्होंने कहा कि उनके सीपीआई-एम में शामिल होने का दावा पूरी तरह से झूठा है और यह जानकारी सीपीआई-एम से जुड़े एक सोशल मीडिया हैंडल से फैली है।
उन्होंने कहा, “मैं छात्र राजनीति से आगे बढ़ी हूं और मैं सभी को आश्वस्त करती हूं कि अपनी आखिरी सांस तक मैं कांग्रेस कार्यकर्ता बनी रहूंगी।” उन्होंने आगे जोर दिया कि वह गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगी।
उस्मान ने कहा कि इस तरह की खबरों के फैलने से उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने कहा कि अफवाहों को फैलने से रोकने और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया गया है।
59 वर्षीय नेता ने 2019 में अरूर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थी, जो इस क्षेत्र में कांग्रेस की महत्वपूर्ण राजनीतिक वापसी थी।
हालांकि, वह 2021 के विधानसभा चुनावों में अपनी सीट बनाए रखने में असफल रहीं।
उस्मान केरल की पहली महिला नेता हैं जिन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव के रूप में कार्य किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में वरिष्ठ सीपीआई (एम) नेता और तीन बार की पूर्व विधायक आयशा पोट्टी ने कांग्रेस में शामिल होकर सबको चौंका दिया, जिससे सत्तारूढ़ वामपंथी पार्टी को गहरा सदमा लगा।
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, एक प्रमुख सीपीआई (एम) नेता के दल-बदल ने राजनीतिक अटकलों को और बढ़ावा दिया है।
इस पृष्ठभूमि में, शनिमोल उस्मान के कथित राजनीतिक परिवर्तन को लेकर अफवाहें ऑनलाइन तेजी से फैलने लगीं, जिसके चलते उन्होंने इन दावों का खंडन करने और अपनी राजनीतिक स्थिति की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया।