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पीएम मोदी का टीएमसी सरकार पर आरोप: राष्ट्रपति का अपमान और लोकतंत्र की चिंता

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पीएम मोदी का टीएमसी सरकार पर आरोप: राष्ट्रपति का अपमान और लोकतंत्र की चिंता

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। जानिए इस विशेष मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

टीएमसी सरकार की आलोचना राष्ट्रपति का अपमान लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के संदर्भ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पीएम ने इसे शर्मनाक और अभूतपूर्व बताया। लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति के लिए यह निराशाजनक पल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता को गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।

पीएम मोदी ने आगे उल्लेख किया कि यह दुखद है कि पश्चिम बंगाल सरकार जैसे महत्वपूर्ण विषय को संथाल संस्कृति को इतनी लापरवाही से ले रही है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में सुधार की भावना जागृत होगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दार्जिलिंग में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन था। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब मैं यहाँ आई, तो मुझे एहसास हुआ कि यदि यह सम्मेलन यहीं आयोजित होता, तो बेहतर होता, क्योंकि यह क्षेत्र बहुत बड़ा है। मुझे नहीं पता कि प्रशासन के मन में क्या चल रहा था। उन्होंने कहा कि यह जगह भीड़भाड़ वाली है, लेकिन मुझे लगता है कि यहाँ आसानी से पांच लाख लोग इकट्ठा हो सकते थे।

राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह क्यों चुनी, जहाँ संथाल लोग नहीं जा सकते। मुझे दुख है कि यहाँ के लोग सम्मेलन में नहीं पहुँच सके, क्योंकि यह इतनी दूर आयोजित किया गया था। शायद प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी उपस्थित नहीं होगा और राष्ट्रपति चली जाएंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति किसी जगह जाती हैं, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए, लेकिन वे नहीं आईं। मैं भी बंगाल की बेटी हूँ। ममता दीदी भी मेरी बहन हैं। मुझे नहीं पता कि क्या वह मुझसे नाराज थीं, इसलिए ऐसा हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह लोकतंत्र की गरिमा पर भी सवाल उठाती है। राष्ट्रपति का पद एक उच्चतम सांकेतिक महत्व रखता है, और इसे राजनीतिक लाभ के लिए नहीं भुनाया जाना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सम्मेलन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यदि सम्मेलन दार्जिलिंग में आयोजित होता, तो अधिक लोग शामिल हो सकते थे।
पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान किया है और यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
राष्ट्र प्रेस
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