जब ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया, तो जनता की क्या उम्मीद?

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जब ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया, तो जनता की क्या उम्मीद?

सारांश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर टिप्पणी ने भाजपा नेता रोहन गुप्ता की प्रतिक्रिया को जन्म दिया। उन्होंने टीएमसी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश के पहले नागरिक का अपमान है। जानिए इस मुद्दे पर क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर विवादित टिप्पणी की।
  • रोहन गुप्ता ने इसे टीएमसी की राजनीति का अपमान बताया।
  • पश्चिम बंगाल की जनता से टीएमसी की अपेक्षाओं पर सवाल उठाए गए।
  • राष्ट्रपति का कार्यक्रम आदिवासी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण था।
  • राज्य सरकार को कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी।

अहमदाबाद, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति की गई टिप्पणी पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आज देश भर में आक्रोश की लहर है। यह टीएमसी की राजनीति का एक हिस्सा है, जो हमेशा लोगों का अपमान करने की कोशिश करती है।"

रोहन गुप्ता ने आगे कहा, "जब टीएमसी के शासन में देश के प्रथम नागरिक के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल की जनता उनसे क्या उम्मीद रख सकती है। राष्ट्रपति आदिवासी कार्यक्रम में भाग लेने गई थीं, और जिस तरह से देश ने उनकी पीड़ा को सुना, वह सभी के लिए शर्मनाक है।"

शनिवार को पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का घोर अपमान किया। द्रौपदी मुर्मु संथाल आदिवासी परंपरा के एक महत्वपूर्ण उत्सव में शामिल होने के लिए गई थीं, लेकिन राष्ट्रपति और आदिवासी समाज के उस पवित्र कार्यक्रम का टीएमसी ने बहिष्कार किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दार्जिलिंग जिले के गोसाईपुर में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के लिए छोटे स्थल का आवंटन किया गया था। राष्ट्रपति इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कहा, "आज भाजपा संविधान को कहां ले गई है? अब उन्हें (राष्ट्रपति) भी भाजपा की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए भेज दिया गया है। मुझे खेद है, महोदया। मैं आपका बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन आप भाजपा के जाल में फंस गई हैं।"

ममता बनर्जी ने कहा कि यह कोई राजकीय कार्यक्रम नहीं था। राज्य सरकार को इस कार्यक्रम की जानकारी भी नहीं थी। हमें केवल यह जानकारी मिलती है कि वह कब आएंगी और कब जाएंगी। हम संभवतः व्यवस्था करने की कोशिश करते, लेकिन अगर कोई हर दिन आता है, तो मैं हर बार कैसे उपस्थित हो सकती हूं? क्या हमारे पास करने के लिए काम नहीं है? क्या हमें हर समय आपके पीछे-पीछे घूमना पड़ेगा? साल में एक बार आइए, मैं आपको लेने जाऊंगी। अगर आप साल में 50 बार आते हैं, तो मेरे पास हर बार उपस्थित होने का समय नहीं है।

Point of View

टीएमसी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने इसे राजनीतिक अपमान के रूप में लिया है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बारे में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम को राजकीय कार्यक्रम मानने से इनकार किया और भाजपा पर आरोप लगाया कि वे राष्ट्रपति को अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता का क्या कहना है?
रोहन गुप्ता ने कहा कि टीएमसी की राजनीति में देश के प्रथम नागरिक का अपमान किया गया है और यह सभी के लिए शर्मनाक है।
इस विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?
मुख्य मुद्दा आदिवासी समुदाय के प्रति सम्मान और टीएमसी द्वारा राष्ट्रपति के अपमान का आरोप है।
क्या यह मामला राजनीतिक महत्व रखता है?
हाँ, यह मामला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टीएमसी और भाजपा के बीच आदिवासी मुद्दों पर टकराव को दर्शाता है।
क्या राष्ट्रपति का कार्यक्रम राजनीतिक था?
ममता बनर्जी ने इसे राजकीय कार्यक्रम मानने से इनकार किया और कहा कि राज्य सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी।
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