30 जुलाई 2026
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क्या केरल के स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई?

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क्या केरल के स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई?

सारांश

केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में पहले चरण के मतदान में 71 प्रतिशत वोटिंग हुई है। विभिन्न जिलों में मतदान प्रतिशत में भिन्नता देखने को मिली है। क्या यह राजनीतिक बदलाव का संकेत है? जानिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इस लेख में।

मुख्य बातें

मतदाता भागीदारी में वृद्धि के संकेत।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है।
दूसरे चरण का मतदान 11 दिसंबर को होगा।
मतदाता अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

तिरुवनंतपुरम, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें राज्य चुनाव आयोग ने शाम 7 बजे तक सात जिलों में 71 प्रतिशत की शानदार वोटिंग की सूचना दी है। यह जानकारी अधिकारियों ने साझा की।

अधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि मतदान की प्रक्रिया पूरी होने और देर से आने वाले मतों को जोड़ने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत 75 प्रतिशत तक पहुँच सकता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मजबूत जनभागीदारी का प्रतीक है।

एर्नाकुलम में सबसे अधिक मतदान हुआ, जो 74.21 प्रतिशत था, जो शहरी और अर्ध-शहरी मतदाताओं में स्थायी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, पथनामथिट्टा में सबसे कम मतदान 66.55 प्रतिशत दर्ज किया गया।

अन्य जिलों में भी स्थिर भागीदारी देखने को मिली, जैसे कि तिरुवनंतपुरम में 67.1 प्रतिशत, कोल्लम में 70 प्रतिशत, अलप्पुझा में 73.58 प्रतिशत, कोट्टायम में 70.68 प्रतिशत और ईडुक्की में 71.28 प्रतिशत मतदान हुआ।

आधिकारिक मतदान समय समाप्त होने के बाद कई क्षेत्रों में बूथों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे, चुनाव अधिकारियों ने कतार में खड़े लोगों को टोकन वितरित किए, जिससे वे बिना किसी रुकावट के मतदान कर सकें।

मजबूत मतदान प्रतिशत ने राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।

मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने मतदान प्रवृत्ति को "ऐतिहासिक प्रगति" के रूप में बताया, जो शासक वाम लोकतांत्रिक मोर्चे में विश्वास को दर्शाता है।

कांग्रेस ने मतदाताओं की प्रतिक्रिया को राजनीतिक शक्ति में बदलाव की शुरुआत बताया, जबकि भाजपा नेताओं ने यह दावा किया कि केरल अपने राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार करने की स्थिति में है।

दूसरे चरण के मतदान के लिए शेष सात जिलों में चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है, जहां गुरुवार को मतदान होना है।

राजनीतिक मोर्चों ने अंतिम दिन पूरी ताकत के साथ प्रचार किया, जिसके कारण कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। ओंचियाम और पूक्कोट्टुर से झड़पों की रिपोर्ट आई है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और अधिकारियों द्वारा कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान प्रतिशत क्या था?
पहले चरण में मतदान प्रतिशत 71 प्रतिशत था।
दूसरे चरण का मतदान कब होगा?
दूसरा चरण 11 दिसंबर को होगा।
सबसे अधिक मतदान किस जिले में हुआ?
एर्नाकुलम में सबसे अधिक 74.21 प्रतिशत मतदान हुआ।
क्या मतदान के दौरान कोई घटना हुई?
कुछ स्थानों पर झड़पों की रिपोर्ट मिली है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मुख्यमंत्री ने मतदान प्रवृत्ति को कैसे वर्णित किया?
मुख्यमंत्री ने इसे "ऐतिहासिक प्रगति" करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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