क्या खगड़िया में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या ने जन आक्रोश को जन्म दिया?
सारांश
Key Takeaways
- खगड़िया में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना
- प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
- पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज और जांच की शुरुआत
- स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जनता की मांगें
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के खगड़िया जिले में एक पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना ने व्यापक आक्रोश फैला दिया है। इस संदर्भ में, गुरुवार को गुस्साए निवासियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने जबरन जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश किया, जहाँ उन्होंने हंगामा किया और मुख्य सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
यह दुखद घटना खगड़िया के गंगौर पुलिस थाना क्षेत्र में घटित हुई, जहाँ बुधवार को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बच्ची का कथित तौर पर अपहरण किया गया।
परिवार के सदस्यों का आरोप है कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता का गला घोंट दिया था।
गुस्साए परिवार और ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्कालीक गिरफ्तारी और स्थानीय थाना अधिकारी (एसएचओ) को हटाने की मांग की। उन्होंने पुलिस की कार्यवाही में सुस्ती का आरोप लगाया।
सैकड़ों प्रदर्शनकारी, जिनमें पीड़िता के परिवार भी शामिल थे, जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर मार्च करते हुए परिसर में घुस गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने कचहरी रोड को भी अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और इलाके में तनाव फैल गया।
नारे लगाते हुए और गिरफ्तारियों में देरी पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
सदर सब-डिविजनल ऑफिसर धनंजय कुमार और एसडीपीओ मुकुल रंजन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया।
हालांकि, परिवार के सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन समाप्त करने से इंकार कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अपराध अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किया गया था।
एफआईआर दर्ज कर ली गई है और खगड़िया पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है। दोषियों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
मुकुल रंजन ने कहा कि हमने पीड़िता का पोस्टमार्टम करा लिया है और रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। परिवार के सदस्य यह दावा कर रहे हैं कि हत्या से पहले पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया था।
जन आक्रोश के बढ़ते स्तर के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिससे प्रशासन पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा है।
जिला पुलिस ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और कलेक्ट्रेट की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।