केएमपी एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: सोनीपत के खरखौदा में ट्रक से टकराई इको कार, तीन मजदूरों की मौत, नौ घायल
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के सोनीपत जिले में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केएमपी एक्सप्रेसवे) पर 3 सितंबर को एक इको कार और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में तीन मजदूरों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। मृतक उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के निवासी थे, जो झज्जर में बाजरे की कटाई के लिए जा रहे थे।
हादसे का स्थान और परिस्थितियाँ
यह दुर्घटना खरखौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोपालपुर गाँव के निकट केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको कार पूरी तरह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल मदद के लिए हाथ बढ़ाए और घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। एक शव को गाड़ी काटकर बाहर निकालना पड़ा, जो हादसे की भयावहता को दर्शाता है।
घायलों की स्थिति और उपचार
अधिकारियों के अनुसार, नौ में से पाँच घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। शेष चार घायलों का उपचार खरखौदा अस्पताल में जारी है। खरखौदा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत भेज दिया है।
केएमपी एक्सप्रेसवे पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
गौरतलब है कि यह केएमपी एक्सप्रेसवे पर कोई पहली बड़ी दुर्घटना नहीं है। इससे पहले हरियाणा के पलवल में इसी एक्सप्रेसवे पर एक पिकअप गाड़ी के खड़े ट्रक से टकराने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 14 अन्य घायल हुए थे। वह हादसा मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ था। पिकअप में सवार लोग उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के निवासी थे, जो राजस्थान में खाटू श्याम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कर वृंदावन की ओर लौट रहे थे। उस हादसे में मारे गए लोगों की पहचान विजय (75), राजकुमार (40), रेशमा (45), कमला (65), सुधा (52) और महेश (60) के रूप में हुई थी — जिनमें तीन महिलाएँ भी शामिल थीं।
प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा उजागर
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब हाईवे और एक्सप्रेसवे पर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। छोटे वाहनों में ठूँस-ठूँसकर सफर करने वाले मजदूर अक्सर ऐसे हादसों का शिकार होते हैं। आलोचकों का कहना है कि हाईवे पर ओवरलोडेड वाहनों की जाँच और रात्रिकालीन गश्त को और कड़ा किए जाने की ज़रूरत है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। गंभीर रूप से घायल मजदूरों का रोहतक पीजीआई में इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। दुर्घटना के कारणों — जिनमें ट्रक का अचानक सामने आना या तेज़ रफ्तार शामिल हो सकते हैं — की जाँच अधिकारियों द्वारा की जा रही है।