क्या कुणाल घोष के मानहानि केस में कोलकाता की कोर्ट ने अभया के पिता को नोटिस भेजा?

सारांश
Key Takeaways
- कुणाल घोष ने मानहानि केस दर्ज किया है।
- अभया के पिता को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस मिला है।
- इस मामले की राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण है।
कोलकाता, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। टीएमसी के नेता कुणाल घोष के मानहानि मामले के संदर्भ में, कोलकाता की अदालत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की दिवंगत चिकित्सक (अभया) के पिता को एक नोटिस जारी किया है। यह जानकारी कुणाल घोष ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अदालत के आदेश की कॉपी साझा करते हुए लिखा, "अभया के पिता के झूठे और अपमानजनक बयान का विरोध करते हुए मेरे वकील अयान चक्रवर्ती के पत्र के बाद मैंने यह मामला दर्ज किया है। बैंकशाल कोर्ट के 15वें न्यायिक मजिस्ट्रेट की पीठ ने एक नोटिस जारी किया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, उन्हें (अभया के पिता) या उनके वकील को 11 सितंबर को सुबह 10:30 बजे उपस्थित होने के लिए कहा गया है।"
कुणाल घोष ने आशा व्यक्त की कि अभया के पिता अदालत में उपस्थित होंगे। उन्होंने लिखा, "चूंकि उन्होंने बयान दिया है और वे अदालत से लेकर भाजपा के नबन्ना अभियान तक हर जगह जा रहे हैं, मुझे विश्वास है कि वे अदालत से बचने के बजाय, खुद आएंगे। अपनी बेटी की हत्या की जांच के बारे में उन्हें जो भी कहना है, मेरे खिलाफ उनके पास जो भी सबूत हैं, उन्हें अदालत को देना चाहिए। जांच के हित में उन्हें ऐसा करना चाहिए। अगर वे खुद नहीं आते हैं, तो मैं समझूंगा कि वे जानबूझकर झूठ बोल रहे हैं।"
अपने पोस्ट में टीएमसी प्रवक्ता ने आगे लिखा, "उन्होंने (अभया के पिता) राजनीतिक हलकों में अपने प्रति सहानुभूति और सम्मान को खत्म कर दिया है। जब आप बेटी के मामले में न्याय की बात कर रहे हैं, तो आप खुद अदालत में आकर क्यों नहीं कहते?"
घोष ने अभया के पिता के बयान का जिक्र करते हुए लिखा, "उन्होंने कहा कि सीबीआई रिश्वत लेकर जांच को बिगाड़ रही है। राज्य सरकार ने पैसा दिया। कुणाल घोष सीजीओ के पास गए और समझौता कर लिया।"
टीएमसी नेता ने अभया के पिता पर एक और मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने कहा, "मैंने केस दर्ज करवा दिया है और कहा है कि इस संवेदनशील मामले में मैं इस तरह का सफेद झूठ बर्दाश्त नहीं करूंगा। आप उस दिन कोर्ट में आइए और जज को मेरे खिलाफ सबूत दीजिए। मैं इस संबंध में एक और केस दर्ज करवाऊंगा। वकील अयान की तबियत ठीक नहीं है, उन्हें बुखार है। वरना आज ही दूसरा केस दर्ज हो जाता।"