क्या आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने से देश में शांति स्थापित होगी? : पूर्व मंत्री उषा ठाकुर
सारांश
Key Takeaways
- आतंकवाद विश्व शांति के लिए खतरा है।
- सरकार आतंकवाद के खिलाफ ठोस नीतियां बना रही है।
- सभी देशों को एकजुट होकर इस समस्या का सामना करना होगा।
- प्रधानमंत्री और गृह मंत्री वैश्विक मंच पर नीति बना रहे हैं।
- 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा करना है।
भोपाल, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर हुए हमले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्य की बात है कि आज के समय में विश्व के कई देश आतंकवाद से त्रस्त हैं। इस तरह की स्थिति वैश्विक शांति के लिए खतरा है।
उन्होंने बुधवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वर्तमान में आतंकवाद एक गंभीर समस्या बन चुका है। ऐसे में, सभी देशों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि हमारे देश में शांति स्थापित की जा सके। अन्यथा, अगले दिनों में स्थिति और भी विकराल हो सकती है।
उषा ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में कहीं भी कोई आतंकवादी गतिविधि न हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आतंकवाद से निपटने के लिए एक वैश्विक नीति बनाने में लगे हैं, जिससे आतंकवाद का खात्मा हो सके। आतंकवाद मानवता के लिए एक बड़ा खतरा है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बनाई गई ठोस नीतियों से हम 2047 तक एक विकसित भारत का संकल्प पूरा कर सकेंगे। यदि कोई भी इस दिशा में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के सभी देश आतंकवाद से प्रभावित हैं और यह समझते हैं कि हमें खुद को और दूसरों को इससे बचाना होगा, तभी स्थिति अनुकूल हो सकेगी।