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क्या अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं अन्याय किया? जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान

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क्या अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं अन्याय किया? जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान

सारांश

गंगा के संगम घाट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनके खिलाफ बयान दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला और इसके पीछे की राजनीति।

मुख्य बातें

अविमुक्तेश्वरानंद का धरना संगम घाट पर जारी है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनके खिलाफ बयान दिया है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है।
इस मुद्दे पर संत समाज में विभाजन है।
समाज में सद्भावना की आवश्यकता है।

ग्वालियर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान के लिए रोके जाने और शिष्यों एवं पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य संगम घाट पर धरने पर बैठे हैं और वे लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य को नोटिस भेजा है, जिसमें उनसे शंकराचार्य पद के दावे पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मामले को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्होंने स्वयं अन्याय किया।

संगम घाट पर अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य और अधिकारियों के बीच हुई झड़प पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "उनके साथ अन्याय नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने स्वयं अन्याय किया। मैं जगद्गुरु हूं और वे अभी जगद्गुरु भी नहीं हैं। यहां के नियमों के अनुसार कोई भी जुलूस के साथ गंगा घाट नहीं जा सकता। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और उन्हें पैदल संगम जाने को कहा गया तो उन्होंने स्वयं गलती की। हम खुद गंगा में पैदल स्नान के लिए जाते हैं।"

जगद्गुरु रामभद्राचार्य से पहले संत समाज की ओर से अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य होने पर सवाल उठाया जा चुका है। कुछ संतों का कहना है कि अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य प्रशासन और सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और इसका फायदा सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ चंद लोग उठा सकते हैं और अविमुक्तेश्वरानंद के ऐसे बयान अधर्मियों को प्रेरित कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य कहते हैं, "स्पष्ट रूप से कहें तो दिग्विजय सिंह को शास्त्रों के बारे में कुछ भी नहीं पता है।"

बताया जा रहा है कि हाल ही में दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा था कि आरएसएस देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है, लेकिन फिर ईसाई, मुसलमानों और सिखों का क्या होगा? भारत विविधताओं का देश है, किसी एक का नहीं।

'हिंदू' शब्द को लेकर राजनेता ने कहा, "हिंदू शब्द भारत की नहीं बल्कि फारसी की देन है। पहले फारसी लोग सिंधु नदी के पार रहने वालों के लिए 'सिंधु' शब्द का इस्तेमाल करते थे, लेकिन उन्होंने इसे अपनी भाषा में 'हिंदू' बना दिया। हम हिंदू नहीं, सनातनी हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज में अस्थिरता पैदा कर सकता है। एकता और सद्भावना की आवश्यकता इस समय सबसे ज्यादा है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अविमुक्तेश्वरानंद कौन हैं?
अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य हैं, जो हाल ही में संगम घाट पर धरने पर बैठे हैं।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं अन्याय किया है।
दिग्विजय सिंह का बयान क्या था?
उन्होंने सरकार और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत विविधताओं का देश है।
राष्ट्र प्रेस
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