क्या निष्पक्ष चुनाव बैलेट पेपर से संभव है? - हन्नान मोल्लाह

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क्या निष्पक्ष चुनाव बैलेट पेपर से संभव है? - हन्नान मोल्लाह

सारांश

सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने निष्पक्ष चुनाव के लिए बैलेट पेपर की आवश्यकता की बात की है। उन्होंने ईवीएम पर उठे सवालों और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर चिंता जताई। क्या बैलेट पेपर ही है निष्पक्ष चुनाव का समाधान?

Key Takeaways

  • बैलेट पेपर चुनावों में निष्पक्षता के लिए आवश्यक है।
  • ईवीएम पर संदेह नागरिकों के बीच बढ़ता जा रहा है।
  • दूषित पानी से इंदौर में हुई मौतें सरकार की ज़िम्मेदारी है।
  • बुलेट ट्रेन की घोषणा चुनावों तक सीमित है।
  • धर्म और राजनीति को खेलों से अलग रखा जाना चाहिए।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सीपीआई(एम) के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि अगर हमें निष्पक्ष चुनाव कराने हैं, तो बैलेट पेपर ही एकमात्र विकल्प है।

उनका यह बयान तब आया है जब कर्नाटक में हुए एक सर्वे में 83 फीसदी से अधिक लोगों ने ईवीएम पर भरोसा जताया है। इस विषय में सीपीआई(एम) नेता ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि ईवीएम पर संदेह हमेशा रहेगा और इसमें छेड़छाड़ की संभावना है। जिन देशों में ईवीएम का प्रयोग शुरू किया गया, वहां भी इसे हटाया गया है। चुनावों में अक्सर एक पार्टी को भारी समर्थन मिलता है, लेकिन परिणाम दूसरी पार्टी के पक्ष में आते हैं। इसलिए, निष्पक्ष चुनाव केवल बैलेट पेपर से ही संभव है।

बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में शामिल किए जाने पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख से अपना स्टैंड स्पष्ट करने की अपील की है।

इस संदर्भ में हन्नान मोल्लाह ने कहा कि मैं हमेशा ऐसे नेताओं की निंदा करता हूं जो धर्म और राजनीति को खेल के साथ मिलाते हैं। खेल और संस्कृति को इन प्रभावों से अलग रखा जाना चाहिए। धर्म और राजनीति का उपयोग अक्सर गलत उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में लैब रिपोर्ट के खुलासे पर हन्नान मोल्लाह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रचार किया जा रहा है कि इंदौर देश का सबसे साफ शहर है, जबकि वास्तविकता यह है कि शहर के बड़े हिस्सों में पीने का साफ पानी नहीं है। दूषित पानी से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा बुलेट ट्रेन की तारीख की घोषणा पर उन्होंने कहा कि भारत में ट्रेनें जैसे शताब्दी, राजधानी आई हैं और भविष्य में नई तकनीक के साथ नई ट्रेनें आएंगी। लेकिन, बुलेट ट्रेन की घोषणा केवल चुनावों तक सीमित है। असम और बंगाल में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए बुलेट ट्रेन की घोषणा की गई है।

Point of View

NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

बैलेट पेपर और ईवीएम में क्या अंतर है?
बैलेट पेपर एक भौतिक दस्तावेज होता है जबकि ईवीएम एक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है। बैलेट पेपर को आसानी से जांचा जा सकता है जबकि ईवीएम में तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं।
क्या बैलेट पेपर से चुनाव अधिक सुरक्षित होते हैं?
बैलेट पेपर से चुनावों में पारदर्शिता बढ़ती है और इसमें छेड़छाड़ की संभावना कम होती है।
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