क्या आने वाले समय में भारत का डाक विभाग विश्व में पहले नंबर पर आएगा: सिंधिया?
सारांश
Key Takeaways
- भारत का डाक विभाग भविष्य में पहले स्थान पर आ सकता है।
- डाक विभाग ने 50 पोस्ट ऑफिस का कायाकल्प किया है।
- सुकन्या समृद्धि योजना से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
- डाकिया अब बैंक सेवाएं भी लाते हैं।
- महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गुना, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि डाकिया अब केवल डाक नहीं लाता, बल्कि बैंक सेवाएं भी प्रदान करता है। भारत का डाक विभाग जल्द ही विश्व में पहले स्थान पर होगा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय गुना में हैं। उन्होंने शुक्रवार को बदरवास में नए उप-डाकघर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदरवास के ऐतिहासिक पोस्ट ऑफिस को अब आधुनिक रूप में जनता की सेवा के लिए समर्पित किया गया है।
2009 से जारी डाक आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के 50 पोस्ट ऑफिस का कायाकल्प किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डाकिया केवल डाक नहीं लाता, बल्कि घर से दिल और सरहद से घर तक की भावनाएं पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि आज का डाकिया चिट्ठी के साथ बैंक सेवाएं भी लेकर आता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक, बीमा योजनाएं और सुकन्या समृद्धि योजना आज ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार बन चुकी हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना को उन्होंने एक बीज बताते हुए कहा कि माता-पिता इसे भविष्य के वटवृक्ष के रूप में विकसित करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का डाक विभाग हर गांव, हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है और आने वाले समय में यह विश्व में अपनी सेवाओं के दम पर एक प्रमुख स्थान हासिल करेगा।
सिंधिया ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ दो महत्वपूर्ण एमओयू की जानकारी दी। पहला एमओयू खाद की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए है, जिससे किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध खाद आपूर्ति सुनिश्चित होगी। दूसरा एमओयू ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए है, जिसके अंतर्गत इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण देकर गांव-गांव में खाते खोलने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे वे हर माह 15 से 30 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर सकेंगी।