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क्या भाजपा बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का टैग देने की कोशिश कर रही है? : राजीव बनर्जी

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क्या भाजपा बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का टैग देने की कोशिश कर रही है? : राजीव बनर्जी

सारांश

पश्चिम बंगाल में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ कथित अत्याचारों के खिलाफ ममता बनर्जी का विरोध मार्च। राजीव बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का टैग देकर वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। क्या भाजपा की ये चालें राजनीतिक लाभ दिला पाएंगी?

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने बंगालियों पर अत्याचार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला।
राजीव बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का टैग देने की कोशिश कर रही है।
मतदाता पुनरीक्षण में 2002 के सूची का आधार बनाया जा रहा है।
भाजपा को चुनावी लाभ नहीं मिलेगा, ऐसा मानते हैं राजीव बनर्जी।

कोलकाता, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के बाहर बंगाली भाषा बोलने वाले लोगों पर कथित अत्याचार के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक विरोध मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ममता ने कहा कि मैं बंगालियों पर अत्याचार को सहन नहीं करूंगी।

इसी संदर्भ में, पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व वन मंत्री राजीव बनर्जी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा पर हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझ में आ गया है कि ममता बनर्जी की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल में उनकी जीत की कोई संभावना नहीं है। इसलिए, भाजपा ने यह तय किया है कि बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का नाम देकर मतदाता सूची से हटवा देंगी। भाजपा का यह मानना है कि इस तरह से वे बंगाल में जीत हासिल कर लेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा पूरे देश में यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है कि जो भी बंगाली में बात करेगा, वह बांग्लादेशी है। इस प्रकार भाजपा पश्चिम बंगाल के बाहर रह रहे बंगालियों को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। कभी ये लोग एनआरसी लाने का प्रयास करते हैं, तो कभी कुछ और। इनका असली मकसद केवल पश्चिम बंगाल में राजनीतिक जमीन तैयार करना है, लेकिन इससे उन्हें कोई लाभ नहीं होगा।

राजीव बनर्जी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की भी आलोचना की और कहा कि वे भी यही कर रहे हैं। वे भी बंगाली बोलने वालों को बांग्लादेशी मानकर उन्हें डिटेंशन सेंटर में भेज रहे हैं। ऐसा करके ये लोग आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, इस तरह की रणनीति से इन्हें कोई फायदा नहीं होगा। यदि भाजपा को लगता है कि इससे उन्हें आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोई लाभ मिलेगा, तो यह उनकी गलतफहमी है, जिसे उन्हें जल्द ही दूर करना चाहिए।

बिहार के बाद बंगाल में मतदाता पुनरीक्षण की खबर पर राजीव बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आपको मतदाता पुनरीक्षण करना ही है, तो इसे 2024 के मतदाता सूची के आधार पर किया जाना चाहिए। लेकिन, आप ऐसा नहीं कर रहे हैं। आप 2002 के मतदाता सूची को आधार बना रहे हैं। आपको यह समझना चाहिए कि इतने सालों में बहुत कुछ बदल चुका है। कितने लोगों की मृत्यु हुई है, कितने नए लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल हुए हैं। ऐसी स्थिति में हमारा सीधा सवाल है कि आप लोग 2024 के मतदाता सूची के आधार पर पुनरीक्षण क्यों नहीं कर रहे हैं?

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम राजनीतिक मामलों में निष्पक्षता बनाए रखें। भाजपा और ममता बनर्जी दोनों के दृष्टिकोण को समझना महत्वपूर्ण है। बंगाल में इन मुद्दों के पीछे की राजनीतिक रणनीतियाँ और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, सही जानकारी देना हमारी जिम्मेदारी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव बनर्जी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
राजीव बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा बंगालियों को 'बांग्लादेशी' का टैग देकर मतदाता सूची से हटाने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी ने विरोध मार्च में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि वे बंगालियों पर अत्याचार सहन नहीं करेंगी।
भाजपा का क्या नैरेटिव है?
भाजपा बंगाली भाषी लोगों को बांग्लादेशी मानने का नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
मतदाता पुनरीक्षण में क्या समस्या है?
राजीव बनर्जी ने कहा कि भाजपा 2002 के मतदाता सूची को आधार बना रही है, जबकि 2024 के सूची पर पुनरीक्षण होना चाहिए।
भाजपा की राजनीति का क्या प्रभाव होगा?
राजीव बनर्जी का मानना है कि भाजपा की ये चालें उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोई लाभ नहीं दिलाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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