क्या भाजपा नीतीश कुमार को हटाकर अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है?
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाने की कोशिश कर रही है।
- राजद ने नीतीश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
- महिला के प्रति नीतीश कुमार का व्यवहार विवाद का विषय बना है।
- राजनीतिक संघर्ष बिहार की राजनीति में गहराता जा रहा है।
- भाजपा और जदयू के बीच संबंधों में तनाव है।
पटना, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा है कि भाजपा की कोशिश यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटा कर प्रदेश में भाजपा का मुख्यमंत्री स्थापित किया जाए।
यह बयान उस समय आया है जब नीतीश कुमार का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक महिला का हिजाब हटा रहे हैं।
इस वीडियो को लेकर राजद एमएलसी ने कहा कि यह वीडियो देखना मेरे लिए अत्यंत शर्मनाक था और इसे देखकर हर बिहारी को शर्म आनी चाहिए। इससे मुख्यमंत्री की मानसिकता का पता चलता है। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार नीतीश कुमार को कमजोर और असफल साबित करने में लगे हैं। हाल ही में जदयू के बड़े नेता अमित शाह से मिले थे। जदयू का विलय भाजपा में कराकर भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। नीतीश कुमार कल भी सेक्युलर नहीं थे और आज भी नहीं हैं।
कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ लगाए गए विवादित नारों पर कारी सोहैब ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ और भीड़ में कोई कुछ कहता है, तो मुझे नहीं पता। सवाल यह है कि कांग्रेस के मंच से असल में यह किसने कहा? यह स्पष्ट होना चाहिए। भाजपा वीडियो बनाने में माहिर है और कहानी गढ़ने में भी। वे कहानियां बना रहे हैं, लेकिन अगर आप ऐसा वीडियो जारी करते हैं जिसमें यह दिखाया गया हो कि फलां मंच पर, इस व्यक्ति ने सच में यह कहा था, तो ऐसा नहीं किया जा सकता। यह एक बेशर्म पार्टी है, पूरी तरह से झूठी।
एक्स पोस्ट में राजद एमएलसी ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर एक महिला के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का व्यवहार यह साबित करता है कि वे मुख्यमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखने की मानसिक क्षमता खो चुके हैं। जो व्यक्ति स्वयं को सुशासन और नैतिकता का प्रतीक बताता था, आज वही व्यक्ति सत्ता के अहंकार में एक महिला की गरिमा पर हाथ डालने से भी नहीं हिचकता। मुख्यमंत्री का यह आचरण दर्शाता है कि वे अब संवैधानिक मर्यादाओं, महिला अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बन चुके हैं। एक महिला को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अपराध की श्रेणी में आता है- उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन समाप्त हो चुका है और उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहना बिहार की महिलाओं के सम्मान पर सीधा खतरा है।