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क्या छोटे किसानों की भलाई के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रहा है एसएफएसी?

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क्या छोटे किसानों की भलाई के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रहा है एसएफएसी?

सारांश

नई दिल्ली में लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) की बैठक में किसानों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। मंत्री शिवराज सिंह ने किसानों को संगठित करने और आधुनिक बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानिए बैठक के मुख्य बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

छोटे किसानों को संगठित करना आवश्यक है।
पारदर्शिता और दक्षता को बनाए रखना एसएफएसी की प्राथमिकता है।
कृषि मूल्य श्रृंखला में सुधार लाने की दिशा में सरकार की दृष्टि।
ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से डिजिटल व्यापार को प्रोत्साहित करना।
मत्स्य उत्पादक संगठनों को सुदृढ़ करने की योजना।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली के कृषि भवन में सोमवार को लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) की 26वीं प्रबंध मंडल एवं 21वीं वार्षिक सामान्य निकाय (एजीएम) बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी (उपाध्यक्ष) सहित विभिन्न बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एसएफएसी छोटे किसानों को संगठित करने, उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ने तथा कृषि मूल्य श्रृंखला में सुधार लाने की दिशा में सरकार की दृष्टि को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को निरंतर बनाए रखना एसएफएसी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में वर्ष 2020-21 से लेकर वर्ष 2024-25 तक के वार्षिक लेखा परीक्षित खातों एवं वार्षिक प्रतिवेदनों की पुष्टि और अनुमोदन किया गया। साथ ही, वर्ष 2025-26 के लिए सांविधिक लेखा परीक्षकों की नियुक्ति सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रतिस्पर्धी बन सकेगी।

बैठक में एसएफएसी की प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। एसएफएसी केंद्र सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) योजना की मुख्य क्रियान्वयन संस्था है, जिसका उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को संगठित कर उन्हें बाजार से जोड़ना और उत्पादन से विपणन तक की श्रृंखला को सशक्त बनाना है। विभिन्न राज्यों में सैकड़ों एफपीओ द्वारा व्यवसायिक गतिविधियां प्रारंभ की जा चुकी हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना एवं प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत एसएफएसी द्वारा मत्स्य उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) एवं मत्स्य सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है, जिससे मत्स्य उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन में सुधार हो रहा है। ई–राष्ट्रीय कृषि बाजार के माध्यम से एसएफएसी देशभर में कृषि वस्तुओं के डिजिटल व्यापार को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे किसानों को पारदर्शी मूल्य खोज और राष्ट्रीय बाजार की सुविधा प्राप्त हो रही है।

राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (एनबीएचएम) के तहत एसएफएसी द्वारा शहद एफपीओ को आधुनिक प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार और विपणन ढांचे से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, एसएफएसी मूल्य स्थिरीकरण कोष का फंड मैनेजर है, जिसके माध्यम से दालों, प्याज और अन्य कृषि-बागवानी वस्तुओं की खरीद और भंडारण किया जा रहा है, जिससे मूल्य स्थिरता और उपभोक्ता सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एसएफएसी की पहल छोटे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की नीतियों का सही क्रियान्वयन ही किसानों को सशक्त बना सकता है। यह न केवल कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएफएसी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
एसएफएसी का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों को संगठित करना, उन्हें बाजार से जोड़ना और कृषि मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है।
बैठक में कौन-कौन शामिल था?
बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव, विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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